लेबनान छोड़ने पर क्यों दिया जा रहा जोर?
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हालिया घटनाक्रमों से साफ होता जा रहा है कि मध्य-पूर्व में तनाव का स्तर चरम पर पहुंचने वाला है। एक तरफ हिजबुल्ला के प्रमुख फुआद शुक्र को लेबनान की राजधानी बेरुत में ढेर किया गया है, तो दूसरी तरफ ईरान की राजधानी तेहरान में हमास की राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया को मार गिराया गया। हालांकि, इस्राइल ने अभी तक हानिया की मौत की जिम्मेदारी नहीं ली है। इस बीच, लेबनान की राजधानी बेरुत स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में सभी भारतीयों से देश छोड़ने को कहा गया है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि कई देश ऐसे हैं, जिन्होंने अपने नागरिकों से लेबनान से निकलने की अपील की है। ऑस्ट्रेलियाई दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए अपने नागरिकों को लेबनान छोड़ने की सलाह दी है।
अब सवाल ये है कि ईरान और इस्राइल में बढ़ते तनाव के बीच तमाम देश अपने नागरिकों को लेबनान छोड़ने की सलाह क्यों दे रहे हैं? मध्य पूर्व में बढ़ रहे तनाव का लेबनान से क्या कनेक्शन है? क्या मध्य पूर्व में अगले संघर्ष का केंद्र लेबनान हो सकता है? इस रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं
क्या मध्य पूर्व में तनाव का केंद्र लेबनान हो सकता है?
दरअसल, लेबनान के संगठन हिजबुल्ला को पहले से ही ईरान का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, ईरान द्वारा गाजा पट्टी के संगठन हमास को भी खुला समर्थन दिया जाता है। अब कुछ बातों पर गौर करें, तो स्पष्ट होता है कि अगले युद्ध का केंद्र लेबनान हो सकता है। इसकी वजह ये है कि हिजबुल्ला का गढ़ दक्षिणी लेबनान है। बीते 27 जुलाई को इस्राइल के गोलान हाइट्स में फुटबॉल के एक मैदान पर रॉकेट से हमला किया गया। इस हमले में इस्राइल के 12 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके ठीक बाद इस्राइल ने हिजबुल्ला पर गोलान हाइट्स में हमले का दोष मढ़ा, हालांकि हिजबुल्ला ने इस हमले में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दे डाली थी कि हिजबुल्ला को इस हमले का अंजाम भुगतना होगा।
इस वजह से भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
इस्राइल के गोलान हाइट्स में हुए हमले के कुछ दिन बाद लेबनान की राजधानी बेरुत में हिजबुल्ला का प्रमुख फुआद शुक्र मारा गया। हिजबुल्ला ने पुष्टि की कि इस्राइल के हमले में शुक्र की मौत हुई है। अब माना जा रहा है कि हिजबुल्ला अपने प्रमुख की मौत का बदला लेने के लिए इस्राइल पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। उधर, इस्राइल के विदेश मंत्री काट्ज का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं कि हिजबुल्ला ने अपनी सीमा रेखा को पार कर लिया है और इसका जवाब जल्द मिलेगा। इस्राइल भी लेबनान में अपनी सैन्य क्षमता का विस्तार कर सकता है। ऐसे में इस्राइल और लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्ला के बीच बड़े युद्ध की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। इस वजह से भारत सरकार समय रहते लेबनान से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस बुलाने की कोशिशों में जुट गई है।
हमास के शीर्ष सैन्य कमांडर दइफ की भी मौत
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की एक और वजह भी है। हमास की राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया और हिजबुल्ला के टॉप कमांडर फुआद शुक्र की मौत से मध्य पूर्व में अभी तनाव बढ़ ही रहा था कि इस्राइल ने अपने एक और दुश्मन की मौत की पुष्टि कर दी। इस्राइल ने कहा है कि हमास का शीर्ष सैन्य कमांडर मोहम्मद दइफ जुलाई में मारा जा चुका है। इस्राइल पर 7 अक्तूबर, 2023 को हुए हमले का मास्टरमाइंड मोहम्मद दइफ ही माना जाता है। इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने गुरुवार को एक बयान जारी कर बताया कि हमास का सैन्य कमांडर मोहम्मद दइफ जुलाई में ही एक एयर स्ट्राइक हमले में मारा गया था। अब माना जा रहा है कि मध्य पूर्व में संघर्ष की आग भड़क सकती है और इसका केंद्र लेबनान हो सकता है। हमास, हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच जंग छिड़ सकती है, जिसका इस्तेमाल ईरान द्वारा प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) की तरह किया जा सकता है।