एक्स पर पोस्ट एक वीडियो में आईडीएफ के प्रवक्ता ने कहा, हमास का क्रूर हमला एक युद्ध अपराध है। महिलाओं और बच्चों को बंदी बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इस्लाम के भी खिलाफ है। जिसने भी इसमें हिस्सा लिया उसे कीमत चुकानी होगी। युद्ध कठिन है और आगे चुनौतीपूर्ण दिन हैं। बल मजबूत है और अपनी ताकत के हर हिस्से का इस्तेमाल करेगा।
उनकी यह टिप्पणी हमास की ओर से इस्राइल पर किए गए औचक हमले और देश के दक्षिण व मध्य हिस्सों में रॉकेट दागने के बाद आई है। गाजा पट्टी के पास हमास द्वारा इस्राइल पर किए गए हमलों में 400 से अधिक लोगों की जान चली गई है और गिनती अभी भी जारी है। मृतकों में दर्जनों सैनिक और पुलिस वाले भी मारे गए हैं।
इसके अलावा इस्राइल के एक मीडिया आउटलेट ने दावा किया कि घातक हमले में घायल 2,048 से अधिक लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें 20 की हालत बेहद गंभीर है और 330 गंभीर रूप से घायल हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ के प्रवक्ता ने रविवार को एक ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकताएं इस्राइली इलाकों में लड़ाई को खत्म करनना और इस्राइल को विभाजित करने वाली बाड़ में सेंध को नियंत्रित करना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल की आपातकालीन सेवाओं के अनुसार रविवार को स्डेरोट शहर और उसके आसपास रॉकेट हमलों में चार लोग घायल हो गए। पीड़ितों में से एक 20 वर्षीय युवक की हालत गंभीर है। इससे पहले दिन में आईडीएफ के प्रवक्ता हागरी ने कहा कि कई शहरों हमास के आतंकवादियों की तलाश की जा रही है और गाजा के अंदर 400 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि दर्जनों को बंदी बना लिया गया है।