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Tharman Shanmugaratnam: कौन हैं थर्मन जो बन सकते हैं सिंगापुर के अगले राष्ट्रपति, जानें उनका तमिलनाडु कनेक्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 28 Jul 2023 05:55 PM IST

सार

Tharman Shanmugaratnam: सिंगापुर में 13 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होना है। इस चुनाव के लिए भारतीय मूल के नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री थर्मन शनमुगरत्नम ने दावेदारी पेश की है। थर्मन का परिवार तमिलनाडु से ताल्लुक रखता है। उनके दादा-दादी भारत से आए अप्रवासी थे जो सिंगापुर में बस गए।
 
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थर्मन शनमुगरत्नम - फोटो : AMAR UJALA
सिंगापुर में 23 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इस चुनाव में भारतीय मूल के पूर्व मंत्री थर्मन शनमुगरत्नम भी मैदान में हैं। उन्होंने अपना चुनावी अभियान शुरू किया है। शनमुगरत्नम सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री रह चुके हैं। आइये जानते हैं शनमुगरत्नम के बारे में...
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थर्मन शनमुगरत्नम - फोटो : AMAR UJALA
सिंगापुर में 23 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इस चुनाव में भारतीय मूल के पूर्व मंत्री थर्मन शनमुगरत्नम भी मैदान में हैं। उन्होंने अपना चुनावी अभियान शुरू किया है। शनमुगरत्नम सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री रह चुके हैं। आइये जानते हैं शनमुगरत्नम के बारे में...

थर्मन शनमुगरत्नम - फोटो : SOCIAL MEDIA
कौन हैं थर्मन शनमुगरत्नम?
थर्मन शनमुगरत्नम ने पिछले महीने ही सक्रिय राजनीति को अलविदा कहा है। भारतवंशी नेता ने पीएपी से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की। इसके साथ ही उन्होंने देश की संस्कृति का पूरी दुनिया में झंडा बुलंद करने का वादा किया।

थर्मन शनमुगरत्नम का जन्म 25 फरवरी 1957 को सिंगापुर में हुआ था। थर्मन ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) में दाखिला से पढ़ाई की है। यहां से उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की है। बाद में उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र में मास्टर्स भी किया।

पिछले दो दशक से सिंगापुर की राजनीति में सक्रिय 
शनमुगरत्नम दो दशक तक पीएपी से जुड़े रहे जो देश की आजादी के बाद से सिंगापुर में सत्तारूढ़ पार्टी रही है। उन्होंने 2001 में राजनीति में प्रवेश किया जब उन्हें जुरोंग समूह प्रतिनिधित्व निर्वाचन क्षेत्र (जीआरसी) के लिए सांसद नियुक्त किया गया। तब से, वह कई बार चुनाव जीत चुके हैं। शनमुगरत्नम 2015 से वरिष्ठ मंत्री और सामाजिक नीतियों के समन्वय मंत्री के रूप में कार्यरत थे। शनमुगरत्नम 2011 से 2015 तक सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री भी रहे। 1988 में, उन्हें व्यापार और उद्योग मंत्रालय में एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में वह 1998 में सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी बनाए गए।

मदुरै के मंदिर में थर्मन शनमुगरत्नम - फोटो : SOCIAL MEDIA
आर्थिक क्षेत्र में रखते हैं महारत 
थर्मन शनमुगरत्नम को उनकी आर्थिक विशेषज्ञता के लिए सराहा जाता है। उन्होंने 2011 से 2019 तक अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा और वित्तीय समिति (आईएमएफसी) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह इस पद को संभालने वाले पहले एशियाई थे। उन्हें सिंगापुर में आय असमानता को कम करने के उद्देश्य से सामाजिक कल्याण और नीतियों की वकालत के लिए जाना जाता है। उन्होंने कम आय वाले परिवारों को मदद देने और सामाजिक सुरक्षा जाल को बढ़ाने के लिए योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है।

अक्सर सार्वजनिक सेवा के प्रति उनके समर्पण और जटिल आर्थिक मुद्दों को सहज तरीके से हल करने की क्षमता की तारीफें होती रही हैं। इसके लिए जनता और उनके राजनीतिक साथियों दोनों द्वारा उनका बहुत सम्मान किया जाता है।

पीएम मोदी के साथ थर्मन शनमुगरत्नम - फोटो : SOCIAL MEDIA
थर्मन शनमुगरत्नम का भारत कनेक्शन
थर्मन शनमुगरत्नम भले ही सिंगापुर में जन्में और पले-बढ़े लेकिन उनकी जड़ें भारत में हैं। दरअसल, उनका परिवार तमिलनाडु से ताल्लुक रखता है। थर्मन के दादा-दादी भारत से आए अप्रवासी थे जो सिंगापुर में बस गए और उनके माता-पिता ने परिवार की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया। सिंगापुर के बहुसांस्कृतिक माहौल में पले-बढ़े, वह अपनी भारतीय विरासत, रीति-रिवाजों और परंपराओं से गहराई से जुड़े रहे। पिछले कुछ वर्षों में, थर्मन ने कई बार भारत का दौरा किया है और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयास किए हैं।

कई उपलब्धियां हैं उनके नाम 
थर्मन शनमुगरत्नम को 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान सिंगापुर की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। वह समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने वाली सामाजिक नीतियों के भी समर्थक रहे हैं। शनमुगरत्नम ने अपनी आर्थिक विशेषज्ञता और नेतृत्व के लिए देश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा पाई है।

राष्ट्रपति के चुनाव का प्रचार 
राष्ट्रपति के चुनाव का आधिकारिक आगाज एक महीने से अधिक समय बाद हुआ जब थर्मन ने पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा व्यक्त की। शनमुगरत्नम ने देश की संस्कृति को दुनिया में ऊंचा स्थान बनाए रखने के लिए विकसित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करने का वादा किया है।

सिंगापुर चुनाव (फाइल) - फोटो : SOCIAL MEDIA
सिंगापुर चुनाव
सिंगापुर में 2011 के बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव होगा। दरअसल, देश की मौजूदा राष्ट्रपति हलीमा ने 29 मई को घोषणा की थी कि वह दूसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं पेश करेंगी। वह देश की आठवीं और पहली महिला राष्ट्रपति हैं। उनका छह साल का कार्यकाल इस साल 13 सितंबर को समाप्त हो रहा है।

2017 का राष्ट्रपति चुनाव एक आरक्षित चुनाव था, जिसमें केवल मलय समुदाय के सदस्यों को चुनाव लड़ने की अनुमति थी। तब कोई अन्य उम्मीदवार नहीं होने के कारण हलीमा को राष्ट्रपति नामित किया गया था। वहीं, 2023 चुनाव के लिए तीन संभावित उम्मीदवार हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से चुनाव लड़ने का अपना इरादा जताया है। थर्मन शनमुगरत्नम के अलावा दो अन्य उम्मीदवार एनजी कोक सॉन्ग और जॉर्ज गोह हैं।
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