व्हाइट हाउस ने एक बार फिर भारत और अमेरिका के बीच के संबंधों पर बात की। कहा कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत और अधिक गहरे होते जा रहे हैं। राष्ट्रपति जो बाइडन जब अपने कार्यकाल पर गौर करेंगे तो उन्हें भारत के साथ साझेदारी को गहरा करने, इसे अधिक समावेशी और व्यापक बनाने पर सबसे अधिक गर्व होगा।
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने मंगलवार को कहा, 'मुझे लगता है कि एक शब्द...खैर वास्तव में तीन शब्द: मजबूत और बहुत अधिक मजबूत हो रहा है।
बाइडन ने भारत के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में काफी निवेश किया: किर्बी
दरअसल, किर्बी से पूछा गया था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाइडन के कार्यकाल के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को कैसे चिह्नित करेंगे, अमेरिकी नेता का कार्यकाल जल्द ही समाप्त हो रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि बाइडन ने भारत के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में काफी निवेश किया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, जापान, भारत और अमेरिका के क्वाड समूह को शीर्ष स्तर तक बढ़ाया और पिछले साल जून में आधिकारिक राजकीय यात्रा के लिए मोदी की मेजबानी की।
व्हाइट हाउस के सुरक्षा सलाहकार ने कहा, 'हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को शीर्ष स्तर पर पहुंचा दिया है। हम विभिन्न प्रणालियों पर रक्षा संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे न केवल भारतीय लोग बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लोग भी सुरक्षित होंगे।'
मोदी की भी सराहना की
उन्होंने कहा, 'बाइडन मोदी द्वारा चर्चाओं में लाए गए दृष्टिकोण की सराहना करते हैं। मेरा मतलब है, वह उस पड़ोस में रहते हैं, वह इसे समझते हैं। निश्चित तौर पर वह दुनिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक के नेता हैं। मेरा मानना है कि राष्ट्रपति जब अपने कार्यकाल को याद करेंगे तो मेरा मानना है कि उन्हें जिन पर सबसे ज्यादा गर्व होगा उनमें से एक है भारत के साथ इस साझेदारी को गहरा करना, साथ ही इस साझेदारी को और समावेशी बनाना तथा इसे व्यापक बनाना ताकि यह महज एक द्विपक्षीय नहीं बल्कि मजबूत द्विपक्षीय संबंध भी बन सके।'
21 सितबंर को हुई थी क्वाड समिट
बाइडन ने 21 सितंबर को क्वाड नेताओं के चौथे शिखर सम्मेलन के लिए विलमिंगटन, डेलावेयर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फुमियो की मेजबानी की थी। किर्बी ने कहा कि जैसा कि विलमिंगटन में देखा गया भारत, हिंद-प्रशांत क्वाड का एक पूर्ण सदस्य है, जो वास्तव में योगदान देने वाला भागीदार है। यह सिर्फ सुरक्षा से कहीं अधिक है। यह आर्थिक, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा एवं स्वच्छ ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय निवेश आदि स्तरों पर है।