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अध्ययन में दावा: टीका लगवाने वालों में वायरल लोड न लगवाने वालों के बराबर

Tue, 03 Aug 2021 06:03 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला रिसर्च टीम, वाशिंगटन

सार

राहत की बात ये है कि टीका ले चुके लोगों को अस्पताल में भर्ती होने या मौत का खतरा बहुत कम देखा गया है। वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि टीका गंभीर बीमारी और मौत से बचाने में कारगर है। 
 
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Corona Vaccine - फोटो : pixabay
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विस्तार
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अमेरिका में टीका लगवा चुके लोगों में संक्रमण को लेकर सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने एक और खुलासा किया है। सीडीसी ने ताजा अध्ययन में पाया है कि जिसे टीके की दोनों डोज लग चुकी है, उन लोगों में संक्रमण होने पर नाक व गले में वायरल लोड उन लोगों के बराबर मिल रहा है जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है। 

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सीडीसी ने मैसाच्युसेट्स में 469 लोगों पर अध्ययन के बाद पाया है कि संक्रमण के तीन तिहाई मामले टीका लगवा चुके लोगों में मिले हैं। इनमें वायरल लोड उन लोगों के बराबर था जिन्होंने टीका नहीं लगवाया था और संक्रमित हो गए थे। 

80 फीसदी मरीजों को बुखार-खांसी 
- वैज्ञानिकों का कहना है कि शोध में शामिल 469 लोगों में से 346 ने टीके की दोनों खुराक ली थी। 84 लोग ऐसे थे जिन्हें टीका नहीं लगा था। देखा गया कि ब्रेकथू इन्फेक्शन की चपेट में आने वाले 80 फीसदी लोगों को बुखार, खांसी या सिरदर्द था। टीका लगवाने वालों में इलाज के बाद संक्रमण के ये लक्षण कुछ समय के भीतर ठीक हो गए। 
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पांच मरीजों को होना पड़ा भर्ती
- अध्ययन में शामिल पांच मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसमें से चार को दोनों खुराक लग चुकी थी लेकिन उन्हें पहले से ही अन्य बीमारियां थीं। किसी मरीज की मौत नहीं हुई। वैज्ञानिकों का कहना है कि अमेरिका में प्रयोग हो रहे फाइजर, मॉडर्ना व जॉनसन के टीके कोरोना के घातक प्रभाव से बचाने में मददगार है। 

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