खोसला ने लिखा कि 'अब समय आ गया है कि डेमोक्रेट पार्टी का खुला कन्वेंशन आयोजित किया जाए, जिसमें अधिक उदार उम्मीदवार को चुना जा सके, जो आसानी से डोनाल्ड ट्रंप को हरा सके।'
डोनाल्ड ट्रंप को लेकर अमेरिका के दो दिग्गज कारोबारी आमने-सामने आ गए। दरअसल भारतीय मूल के अमेरिकी अरबपति विनोद खोसला ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में ट्रंप को झूठा, धोखेबाज और दुष्कर्मी बताया। इस पर टेस्ला, एक्स और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने एतराज जताया और ट्रंप को सही उम्मीदवार बताया। हालांकि खोसला एलन मस्क से सहमत नहीं हुए और उन्होंने कई सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप की तीखी आलोचना की।
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क्या है पूरा मामला
विनोद खोसला ने जो बाइडन के राष्ट्रपति पद की रेस से हटने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में खोसला ने लिखा कि 'अब समय आ गया है कि डेमोक्रेट पार्टी का खुला कन्वेंशन आयोजित किया जाए, जिसमें अधिक उदार उम्मीदवार को चुना जा सके, जो आसानी से डोनाल्ड ट्रंप को हरा सके। गवर्नर व्हिटमर और गवर्नर शैपिरो अच्छे उम्मीदवार हो सकते हैं, जो अमेरिका को मेक अमेरिका ग्रेट अगेन जैसे चरमपंथ के बीच फंसने से बचाया जा सके। एक बेहतर उदारवादी रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए यह अच्छा मौका है।'
सोशल मीडिया पर भिड़े विनोद खोसला और एलन मस्क
विनोद खोसला के पोस्ट पर एलन मस्क ने जवाब दिया और खोसला से असहमति जताते हुए लिखा कि 'ऐसा भी नहीं है विनोद...ट्रंप और जेडी वेंस सही उम्मीदवार हैं।' मामला यहीं खत्म नहीं हुआ और खोसला ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि 'मेरे लिए एक ऐसे उम्मीदवार का समर्थन करना मुश्किल है, जो झूठ बोलता हो, धोखेबाज हो और महिलाओं को कमतर आंकता हो, साथ ही मेरे जैसे अप्रवासी से नफरत करता हो। वह मेरे टैक्स में कुछ कटौती कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उनकी कमियों को भी स्वीकार किया जाए। क्या आप ऐसा राष्ट्रपति चाहते हैं जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को एक दशक पीछे धकेल दे? क्या आप अपने बच्चों के सामने ऐसा उदाहरण पेश करना चाहते हैं?'
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एलन मस्क ने भी खोसला के पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा कि 'ट्रंप आपसे नफरत नहीं करते, बल्कि वह तो आपको पसंद करते हैं। आप उनसे मिलकर देखेंगे तो आपको खुद पता चल जाएगा। मैं ये नहीं कह रहा कि ट्रंप में कमियां नहीं हैं, लेकिन हमें ऐसी सरकार की जरूरत है, जो सभी की स्वतंत्रता का सम्मान करे न कि जनता पर दबाव बनाए।' हालांकि इसके बाद भी विनोद खोसला नहीं माने और उन्होंने अन्य पोस्ट में ट्रंप की आलोचना जारी रखी। गौरतलब है कि विनोद खोसला ने बाइडन के चुनाव की रेस से हटने के बाद भी कमला हैरिस के नाम का समर्थन नहीं किया और डेमोक्रेट पार्टी के अन्य नेताओं को सही उम्मीदवार बताया।