हाल ही में चीन के राष्ट्रपति और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मुलाकात हुई थी। इस दौरान अपने एक बयान में बाइडन ने चीनी राष्ट्रपति को तानाशाह बता दिया था। जिस पर विवाद हो गया, चीन ने बाइडन के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। अब अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बाइडन के बयान का बचाव किया है और कहा है कि यह कोई ढकी-छिपी बात नहीं है।
ब्लिंकन बोले- यह कोई गुप्त बात नहीं
दरअसल पत्रकारों ने एंटनी ब्लिंकन से बाइडन के बयान को लेकर सवाल किया कि क्या यह अमेरिकी सरकार का स्टैंड है? इस पर ब्लिकंन ने सफाई देते हुए कहा 'खैर, यह कोई छिपी हुई बात नहीं है। हम दोनों देश बिल्कुल अलग व्यवस्थाएं हैं।' ब्लिंकन ने कहा 'राष्ट्रपति बाइडन ने हम सभी की तरफ से वह बात कही थी। राष्ट्रपति हमेशा खुलकर बात करते हैं और यही वजह रही कि उन्होंने हम सभी की तरफ से वह बात कही थी।' ब्लिंकन ने कहा कि हम आगे भी ऐसी बातें करते रहेंगे, जो शायद चीन को पसंद ना आएं। ऐसे ही चीन भी ऐसे काम करता रहेगा, जो शायद हमें पसंद ना हो।'
चीन ने जताई थी नाराजगी
बता दें कि एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग के वार्षिक शिखर सम्मेलन में जो बाइडन और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। इस सम्मेलन से इतर भी दोनों नेताओं की बैठक हुई। यह मुलाकात अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में हुई, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति बाइडन ने की। इस मुलाकात के बाद बाइडन ने अपने एक बयान में कहा कि अमेरिका का हमेशा मानना है कि शी जिनपिंग एक तानाशाह की तरह चीन को चलाते हैं। बाइडन के इस बयान पर चीन ने नाराजगी जाहिर की। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन का बयान गलत और गैर जिम्मेदाराना है। चीन राजनीतिक हेरफेर का कड़ा विरोध करता है।