अमेरिकी के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के अंतिम दिनों में किए गए कार्यों के लिए आपराधिक मुकदमे के खिलाफ सीमित छूट का दावा कर सकते हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से उनके खिलाफ चुनाव में हेराफेरी के आरोपों से जुड़े मुकदमे में देरी होने की उम्मीद है।
इस फैसले ने संघीय अपीलीय अदालत के फरवरी के निर्णय को भी पलट दिया है। संघीय अपीलीय अदालत ने 2020 के चुनाव परिणामों में हेरफेर के मकसद से किए गए कथित अपराधों के लिए ट्रंप को छूट देने से इनकार कर दिया था। विशेष वकील जैक स्मिथ ने ट्रंप को कानूनी कार्यवाही में देरी करने से रोकने के लिए जोरदार पैरवी की थी।
सीएनएन के मुताबिक, कई कानूनी लड़ाइयों के बीच ट्रंप ने व्हाइट हाउस में वापसी के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन के खिलाफ खुद को मजबूती से खड़ा कर दिया था। लेकिन मई में उन्हें एक और झटका तब लगा, जब वह एक एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप कराने के लिए गोपनीय धन देने के आरोप में दोषी ठहराए गए।
मार्क्वेट लॉ स्कूल की ओर से कराए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि आपराधिक मुकदमे से राष्ट्रपति को प्रतिरक्षा के मुद्दे पर जनता की राय बंटी हुई है। ट्रंप के बारे में पूछे जाने पर 60 फीसदी उत्तरदाताओं ने उन्हें आपराधिक कृत्यों के लिए छूट देने का विरोध किया। जबकि 30 फीसदी ने इसका समर्थन किया।
पूर्व राष्ट्रपतियों को छूट मिलनी चाहिए या नहीं, इस सवाल पर 71 फीसदी का मानना था कि उन्हें ऐसा करना ही नहीं चाहिए। जबकि केवल 16 फीसदी इसके पक्ष में थे। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 61 फीसदी रिपब्लिकन सदस्यों ने ट्रंप को आपराधिक मुकदमे से छूट का समर्थन किया।