हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक जो जानकारी सामने आई है, उससे यह साफ है कि पनडुब्बी को नुकसान पहुंचा है। नुकसान कितना है, इसका अभी जायजा लिया जा रहा है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर इस अखबार से कहा कि संचालन संबंधी सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से हादसे की तुरंत सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जिस वस्तु से टकराव हुआ, वह क्या है, यह मालूम नहीं हो सका है। लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि वह वस्तु किसी और देश की पनडुब्बी नहीं थी।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने कहा है कि यूएसएस कनेक्टिकट पर सवार दो व्यक्ति इस घटना में जख्मी हुए हैं। नौ अन्य नाविकों को खरोंच जैसी हल्की चोट आई है। उनका इलाज पनडुब्बी पर ही किया गया। इस बीच अमेरिका नौसेना इंस्टीट्यूट ने एक रिपोर्ट में बताया है कि समुद्र के अंदर किसी वस्तु से अमेरिकी पनडुब्बी के टकराने की घटना इसके पहले 2005 में हुई थी। तब यूएसएस सैनफ्रांसिस्को ऐसी किसी वस्तु से टकरा गई। उसमें एक नाविक की जान गई थी।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने शुक्रवार को इस बारे में एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा- ‘चीन को इस घटना के बारे में और विवरण देना चाहिए। उसे बताना चाहिए कि दुर्घटना ठीक-ठीक किस स्थान पर हुई, वहां पनडुब्बी किस मकसद से गई थी, जिस वस्तु से टकराव हुआ वह क्या था, और क्या उसकी वजह से ऐसा न्यूक्लीयर लीक हुआ, जिससे समुद्र के दूषित होने का खतरा हो।’