अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन का मानना है कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि रिश्तों में किसी अप्रत्याशित बदलाव की उम्मीद नहीं है।
भारत सरकार की आलोचना वाले कुछ लेखों का दे रहे थे जवाब
मिलर भारत में लोकसभा चुनाव से पहले अमेरिका में प्रकाशित भारत सरकार की आलोचना वाले कुछ लेखों के अलावा विदेश विभाग के हालिया बयानों से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने इस दौरान भारत के साथ अमेरिका के संबंधों की फिर से पुष्टि की। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है।
उन्होंने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसलिए यह अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और मैं उम्मीद करता हूं कि यह आगे भी ऐसा ही रहे।'
पाकिस्तान और भारत के मामलों को बताया अलग
यह सवाल उठने पर कि क्या विदेश विभाग भारतीय विपक्षी नेता अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कोई रुख अपना रहा है? अगर हां तो पाकिस्तानी विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी पर ऐसा क्यों नहीं किया गया? इस पर मिलर ने दोनों मामलों को एक जैसा बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान में सभी के साथ कानून और मानवाधिकारों के अनुरूप व्यवहार हो।
केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कही यह बात
सवाल जवाब के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का मुद्दा कई बार उठा है। वहीं, केजरीवाल की गिरफ्तारी और कांग्रेस पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने के मामले में टिप्पणी करने पर भारत के अमेरिकी राजनयिक को तलब करने पर मिलर ने कहा कि वे इन सब बातों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'हम इन कार्रवाइयों पर करीब से नजर रख रहे हैं, जिसमें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी भी शामिल है। हम कांग्रेस पार्टी के आरोपों से भी अवगत हैं कि कर अधिकारियों ने उनके कुछ बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिससे आगामी चुनावों में प्रचार करना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।'