अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को यूएनजीए में भारत की अध्यक्षता में हुए जी20 शिखर सम्मेलन की सफलता की सराहना की है। 78वें यूएनजीए सत्र में उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन की अभूतपूर्व उपलब्धियों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि G20 समूह में अफ्रीकी संघ का प्रवेश नई दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान किया गया। साथ ही भारत, मध्य पूर्व और यूरोप को जोड़ने वाला आर्थिक गलियारे पर भी सहमति बनी। इससे दो महाद्वीपों में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में बाइडन ने शिखर सम्मेलन के दौरान जी20 में अफ्रीकी संघ को शामिल किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हमने एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में जी-20 को मजबूत किया है और स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ का स्वागत किया है। हमारे संस्थानों को उन्नत और मजबूत करके हमें नई साझेदारियां भी बनानी होंगी, नई चुनौतियों का सामना करना होगा। इसके अलावा उन्होंने क्वाड का जिक्र करते हुए कहा कि हमने हिंद प्रशांत क्षेत्र के लोगों के लिए हर चीज पर ठोस प्रगति और विकास करने के लिए भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया के साथ अपनी क्वाड साझेदारी को बढ़ाया है।
यूक्रेन के प्रति जताई प्रतिबद्धता
रूस और यूक्रेन के बीच जंग खत्म होती नहीं दिख रही है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेन के लिए अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर से जाहिर की है। उन्होंने रहा कि अमेरिका, दुनिया भर में अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ खड़ा रहेगा। हम अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में लगे यूक्रेन के बहादुर लोगों के साथ हैं।
बाइडन ने कहा कि रूस सोंचता है कि दुनिया थक जाएगी और उसे बिना परिणाम के यूक्रेन पर क्रूरता करने की अनुमति देगी। मैं आपसे यह पूछता हूं यदि हम किसी हमलावर को खुश करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों को त्याग देते हैं, तो क्या कोई सदस्य राज्य आश्वस्त महसूस कर सकता है कि वे सुरक्षित हैं? इस दौरान उन्होंने सदस्य देशों से आह्वान करते हुए कहा कि हमें इस नग्न आक्रामकता के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका सभी लोगों के लिए अधिक सुरक्षित, अधिक समृद्ध, अधिक न्यायसंगत दुनिया चाहता है। हम जानते हैं कि हमारा भविष्य आपके साथ जुड़ा हुआ है। आज कोई भी देश चुनौतियों का सामना अकेले नहीं कर सकता। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जलवायु परिवर्तन और उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी यूरोप में चल रही जंगल की आग के मुद्दे पर भी प्रकाश डाला।
युद्ध, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक असमानता के खिलाफत का आह्वान
वहीं, दूसरी ओर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में युद्ध, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक असमानता के खिलाफत का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध, जलवायु परिवर्तन, ऋण, ऊर्जा और खाद्य संकट, गरीबी और अकाल के बीच वैश्विक असमानता के खिलाफ भी आक्रोश प्रकट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह से हम असमानता से लड़ने और अपने आस-पास की दुनिया को प्रभावी ढंग से बदलने के लिए स्वेच्छा से काम कर सकते हैं।
गौरतलब है कि वे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 78वें सत्र में बोल रहे थे। इस सम्मेलन में विश्व के गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए 140 से अधिक विश्व नेता इकट्ठे हो रहे हैं।