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US: ट्रंप पर हमला लोकतंत्र के लिए खतरा, इससे बढ़ सकती है राजनीतिक हिंसा; जानें अमेरिकी मीडिया इसे कैसे देख रहा

Sun, 14 Jul 2024 03:07 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटनाक्रम से पुराना इतिहास फिर जीवंत हो उठा है। अब यह दोनों पार्टियों के राजनीतिक नेताओं और अमेरिकियों पर व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से निर्भर है कि वे आगे की हिंसा और इसे बढ़ावा देने वाली चरमपंथी भाषा के प्रकार का विरोध करें।
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उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, पेन्सिलवेनिया की रैली में गोलीबारी के बाद डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : ani
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विस्तार
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर शनिवार को हुए हमले की वैश्विक स्तर पर हर ओर आलोचना हो रही है। अमेरिकी मीडिया में भी हमले की निंदा की जा रही है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति पर हुए हमला अमेरिका के लिए एक भयानक क्षण की तरह है। इसमें यह भी कहा जा रहा है कि इस हमले ने राष्ट्रपति चुनाव से पहले राजनीतिक हिंसा के खतरे को फिर से पैदा कर दिया है। 

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटनाक्रम से पुराना इतिहास फिर जीवंत हो उठा है। अब यह दोनों पार्टियों के राजनीतिक नेताओं और अमेरिकियों पर व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से निर्भर है कि वे आगे की हिंसा और इसे बढ़ावा देने वाली चरमपंथी भाषा के प्रकार का विरोध करें। इस हमले को उकसावे या औचित्य के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। 

इसमें यह भी कहा गया है कि अमेरिकियों देश के सामने आने वाली चुनौती के बारे में स्पष्ट नजरिया रखना चाहिए। इस तरह की घटनाओं को एक अपवाद के रूप में खारिज नहीं किया जा सकता है। हिंसा अमेरिकी राजनीतिक जीवन को संक्रमित और प्रभावित कर रही है। लोकतंत्र के लिए पक्षपात करने वालों को यह स्वीकार करने की आवश्यकता है कि प्रक्रिया परिणामों से अधिक महत्वपूर्ण है। 
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वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश अमेरिका के लिए एक भयावह क्षण है जो इससे भी बदतर हो सकता था, लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि यह पूरी तरह से आश्चर्य की बात है। राजनीतिक शत्रुता और घृणित बयानबाजी डेसीबल स्तर तक बढ़ रही है, जिससे अमेरिकी अतीत में अक्सर हिंसा और हत्या का प्रयास हुआ है। कहा, हममें से कुछ लोगों को अभी भी 1968 अच्छी तरह से याद है।  

सीएनएन ने एक ओपिनियन में कहा कि चुनावी रैली में एक पूर्व राष्ट्रपति जो राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार भी है, को निशाना बनाना, लोकतंत्र और प्रत्येक अमेरिकी के अपने नेता चुनने के अधिकार पर हमला है।  हत्या की कोशिश अमेरिका की राजनीतिक हिंसा की शापित कहानी में एक नया अध्याय है। इसमें यह भी कहा गया है कि भले ही ट्रंप वर्तमान में राष्ट्रपति नहीं हैं, लेकिन उनपर हमला उस खतरे को बताता है जो इस पद पर हैं या इसके लिए चुनावी दौड़ में शामिल होते हैं। 

गौरतलब है कि अमेरिका में शनिवार को एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति पर गोली दागी गई। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब एक रैली को संबोधित कर करे थे उस वक्त एक हमलावर ने काफी उंचाई वाली जगह से ट्रंप पर एक के बाद एक कई गोलियां दागी। इस घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें ट्रंप के कान के पास से खून निकलता देखा जा सकता है। इस घटना के बाद ट्रंप खतरे से बाहर हैं। उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर बयान जारी कर खुद को गोली लगने के बारे में बताया है।

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