फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका: पूर्व राजनयिक निक्की हेली और रिपब्लिकन सांसद माइक वाल्ट्ज ने भारत के साथ गठबंधन का किया आह्वान

Wed, 27 Oct 2021 05:28 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, वाशिंगटन
विज्ञापन
अमेरिका की पूर्व राजनयिक निक्की हेली - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व दूत भारतवंशी निक्की हेली और प्रभावी रिपब्लिकन सांसद माइक वाल्ट्ज ने मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच गठबंधन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन दोनों देशों को अपनी वैश्विक ताकत बनाए रखने और उसका विस्तार करने की अनुमति देगा।

विज्ञापन


विदेश नीति से संबंधित एक प्रतिष्ठित पत्रिका के नवीनतम अंक में निक्की हेली और माइक वाल्ट्ज ने लिखा कि 10 लाख (एक मिलियन) से अधिक सैनिकों के साथ एक परमाणु शक्ति के रूप में, एक बढ़ती हुई नौसेना, एक शीर्ष स्तरीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, और अमेरिका के साथ आर्थिक और सैन्य सहयोग के एक सफल इतिहास के रूप में भारत एक मजबूत सहयोगी बनेगा।


हेली और वाल्ट्ज ने दिया यह तर्क
वाल्ट्ज प्रभावशाली हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्य हैं और इंडिया कॉकस के वाइस चेयरमैन हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के साथ गठबंधन दोनों देशों को अपनी वैश्विक ताकत को बनाए रखने और विस्तार करने की अनुमति देगा। साथ ही जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ, यह अमेरिका को अफगानिस्तान में संभावित आतंकवादी खतरों के साथ-साथ चीन का मुकाबला करने के लिए एक वास्तविक निवारक बनाने में सक्षम करेगा।

विज्ञापन


हालांकि बाद में उन्होंने यह तर्क देते हुए यह पोस्ट वापस ले लिया कि केवल भारत है जो अफगानिस्तान पर प्रभावी रूप से नजर रख सकता है। हेली और वाल्ट्ज ने लिखा कि केवल नई दिल्ली ही चीन के दक्षिणी हिस्से पर नजर रख सकती है।


उन्होंने लिखा, भारत ताजिकिस्तान में फारखोर एयर बेस को संचालित करता है, जो अफगानिस्तान में आतंकवाद विरोधी हमले करने के लिए निकटता वाला एकमात्र हवाई अड्डा है। इस गठबंधन के साथ, भारत हमें अफगानिस्तान और व्यापक क्षेत्र में अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए रणनीतिक ठिकानों तक पहुंच की अनुमति दे सकता है।

'अमेरिका-भारत गठबंधन हमें चीन पर भी बढ़त दिलाएगा'
हेली और वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका-भारत गठबंधन से हम चीन पर भी अपना प्रभाव बढ़ा सकेंगे। संयुक्त राज्य अमेरिका की तरह, भारत भी मानता है कि चीन तेजी से बढ़ता हुआ खतरा है। चीन न केवल अफगानिस्तान से हमारी वापसी को भुनाने का प्रयास कर रहा है, बल्कि भारत के साथ लगती सीमाओं पर भी दबाव बना रहा है, जो अमेरिका और भारत दोनों के हितों के खिलाफ है।

दोनों रिपब्लिकन नेताओं ने कहा कि अमेरिका-भारत गठबंधन मध्य और दक्षिणी एशिया में चीन के और अधिक विस्तार की योजना पर लगाम लगाएगा। इसी महीने, अमेरिकी सेना ने अलास्का में सैकड़ों भारतीय सैनिकों के साथ संयुक्त अभ्यास किया, ताकि सहयोग को मजबूत किया जा सके और चीन-भारत सीमा क्षेत्र की तरह ठंडी, पहाड़ी परिस्थितियों के लिए बेहतर तैयारी की जा सके।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों का यह गठबंधन क्षेत्र की बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को भी पहचान लेगा। भारत के प्रति चीन का नया आक्रामक रुख कोई संयोग नहीं है। यह एक व्यापक योजना का हिस्सा है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) भारत के लंबे समय से दुश्मन रहे पाकिस्तान से समर्थन हासिल करने के बाद उत्साहित है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें