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अमेरिकी सांसद का दावा: अफगान में तालिबान को खड़ा करने के पीछे पाकिस्तान का हाथ, इससे निपटना जरूरी

Mon, 23 Aug 2021 10:24 AM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, वाशिंगटन

सार

अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद और कांग्रेसी नेता स्टीव चाबोट ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान को खड़ा करने में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ है।
 
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इमरान खान - फोटो : Twitter@ imran khan
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विस्तार
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अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बाद से पूरी दुनिया में इसे लेकर चर्चा हो रही है। कई अन्य देशों के नेताओं के द्वारा इस मुद्दे पर चिंता जताई जा रही है। इसी क्रम में अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद और कांग्रेसी नेता स्टीव चाबोट ने इस स्थिति के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान को खड़ा करने में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद जिस तरह से तालिबान की जीत पर जश्न मना रहा है यह सबसे अधिक घृणित है। इससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को बढ़ावा देना चाहता है। उन्होंने कहा कि हम सब लोग जानते हैं कि पाकिस्तान और खासकर उसकी खुफिया एजेंसी ISI ने तालिबान को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभाई है और उनकी मदद से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया है।

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स्टीव चाबोट ने की भारत की सराहना 
स्टीव चाबोट ने रविवार को हिंदू राजनीतिक कार्रवाई समिति के मंच को संबोधित करते हुए कहा कि वह अफगान धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने के लिए भारत सरकार की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि भारत इस संकट की स्थिति में सही कदम लेगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर होने वाले उत्पीड़न को अमेरिका में कम तवज्जो दी जाती है, जबकि इस पर बात होनी चाहिए। अच्छा होगा कि हम अपने साथी नागरिकों को इन दुर्रव्यवहारों के बारे में शिक्षित करें। चाबोट ने कहा कि उन्हें उत्पीड़न विशेष रूप से अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और कम उम्र की हिंदू लड़कियों का बड़े मुस्लिम व्यक्तियों से जबरन निकाह करने जैसे घृणित कार्यों की जानकारी देनी चाहिए।

पाकिस्तान में होने वाले उत्पीड़न महज अफवाह नहीं
कांग्रेसमैन ने कहा कि पाकिस्तान में होने वाले उत्पीड़न महज अफवाह भर नहीं हैं। प्रमुख समाचार संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने इस उत्पीड़न का डॉक्युमेंटेशन किया है। इसमें युवा लड़कियों को उनके परिवारों से अलग किया जाना और उनका जबरन निकाह कर दिया जाना जैसी दर्दनाक कहानियां शामिल हैं। हालांकि कई बार इन उत्पीड़नों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

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