9/11 हमले की 20वीं बरसी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने कहा कि वे आतंकवाद को रोकने व खत्म करने के लिए आज भी उसी प्रण के साथ एकजुट हैं, जितने दो दशक पहले थे।
15 सदस्य देशों वाली सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को एक वक्तव्य जारी कर 9/11 हमले को याद किया और आतंकवाद की निंदा की। परिषद के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने न्यूयॉर्क स्थित स्मारक का दौरा भी किया।
इस दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि इस घटना के दो दशक बाद भी ग्राउंड जीरो पर मौजूद होना अंतरआत्मा को झकझोर देने वाला होता है।
उन्होंने बताया कि स्मारक स्थल पर उन्होंने सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि लिंडा थॉमस और 9/11 मेमोरियल एंड म्यूजियम के सीईओ एलिस ग्रीनफील्ड ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की ग्राउंड जीरो पर अगवानी की।
इस दौरान उन प्रयासों को भी याद किया गया, जो बीते दो दशक में सुरक्षा परिषद ने आतंकवाद को रोकने के लिए उठाए। इस दौरान लिंडा थॉमस ने कहा कि वे इस अवसर पर उन लोगों को याद करते हुए सम्मान देना चाहती हैं, जिन्होंने यहां जान गंवाई, जो बचे और जिन्होंने सबसे पहले आकर यहां हालात का संभाला।
उन्होंने कहा-सुरक्षा परिषद और पूरी दुनिया कभी नहीं भूलना चाहिए कि यह हमला उस शहर पर हुआ था, जिसे हम अपना घर कहते हैं। उन्होंने कहा 9/11 हमले में 90 देशों के नागरिकों ने जान गंवाई थी, जिनमें से कई सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से भी संबंध रखते थे, ऐसे में सुरक्षा परिषद का आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता बनाए रखना उन लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है, जो यहां आतंकवाद का शिकार हुए थे।
लीबिया पर दी जानकारी
इसके अलावा टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट करते हुए लिखा कि लीबिया प्रतिबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में मैंने लीबिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को जानकारी दी। मैंने विशेषज्ञों के पैनल से संबंधित एससीआर 1970 समिति की गतिविधियों पर रिपोर्ट दी, फ्रीज संपत्ति, हथियार प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध छूट संबंधित जानकारी से अवगत कराया।