भारत का झंडा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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वेल्स सरकार ने भारत के साथ साझेदारी का जश्न मनाने के लिए वर्ष 2024 को 'वेल्स इन इंडिया' घोषित किया है। इस सप्ताह लंदन स्थित इंडिया हाउस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। गौरतलब है कि कार्यक्रम में गुरुवार को भारतीय उच्चायोग में निवेश के अवसरों, व्यावसायिक सहयोग और सांस्कृतिक आदान- प्रदान पर चर्चा के लिए प्रमुख व्यवसायी, शिक्षाविद् समेत कई लोगों ने शिरकत की। वेल्स के मंत्री सर मार्क ड्रेकफोर्ड ने वेल्स इन इंडिया-2024 पहल के हिस्से के रूप में योजनाबद्ध एक साल के कार्यक्रम की कई मुख्य बातों के बारे में बात की।
कुछ क्षेत्रों में दोनों के साझा हित- मार्क ड्रेकफोर्ड
मार्क ड्रेकफोर्ड ने कहा कि हमारी कोशिशें शिक्षा, कला, खेल, व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवा में की जाएंगी। इन विषयों में हमारी साझा रुचियां है। ये क्षेत्र हम दोनों के लिए खास है। भारत और वेल्स के बीच संबंधों को मजूबत करने के लिए काम करना है। हमें वेल्स में भारतीय समुदाय द्वारा मदद मिलती हैं।
लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि भारत में वेल्स उत्सव की शुरुआत इस साल की शुरुआत में वेल्स भाषा बाल पुरस्कार विजेता निया मोराइस द्वारा कोलकाता साहित्य महोत्सव 2024 को संबोधित करने के साथ हुई थी और आने वाले महीनों में एक इंडो-वेल्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा।
'वेल्स-भारत के बीच साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध'
ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त, विक्रम दोरईस्वामी ने कहा कि हम वास्तव में भारत में आपके द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रमों में आपकी मदद करने की यात्रा का हिस्सा बनने और वेल्स में भी आपके कार्यक्रमों का हिस्सा बनने के लिए भागीदार के रूप में प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ने से वेल्स को क्या फायदा हो सकता है और भारत वेल्स से कैसे लाभ मिलेगा।