यूएनएचसीआर के उच्चायुक्त ने कहा कि अभी तक ऐसा नहीं देखा गया है कि बड़ी संख्या में अफगान लोगों ने सीमा पार कर अन्य देशों में जाने का प्रयास किया हो, लेकिन देश में हालत यदि बदतर होते हैं तो हालात बदल सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी मामलों के निकाय ‘संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (यूएनएचसीआर)’ के प्रमुख फिलिपो ग्रांडी ने कहा है कि अफगानिस्तान के लाखों विस्थापित लोगों को मदद देने के लिए हम तालिबान के साथ बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही सर्दियां पड़ने वाली हैं ऐसे में शरणार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर यह वार्ता जरूरी है।
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यूएनएचसीआर के उच्चायुक्त ने यह भी कहा कि अभी तक ऐसा नहीं देखा गया है कि बड़ी संख्या में अफगान लोगों ने सीमा पार कर अन्य देशों में जाने का प्रयास किया हो लेकिन देश में हालत यदि बदतर होते हैं तो हालात बदल सकते हैं। ग्रांडी ने कहा, मेरी प्राथमिकता है विस्थापित लोगों की मदद के लिए मानवीय सहायता के काम को बढ़ाया जाए ताकि तेज जाड़ों के मौसम निकट में लोगों को सहायता दी जा सके। बता दें कि अफगानिस्तान में बहुत अधिक सर्दी पड़ती है। तुर्की के चार दिवसीय दौरे के समापन पर, सीरिया की सीमा के निकट तुर्की के गाजियानटेप प्रांत में ग्रांडी ने यह टिप्पणी की।
विश्व में अन्य आतंकी गुटों को प्रोत्साहित कर सकती है अफगानिस्तान में तालिबान की जीत : गुटेरस
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने वैश्विक आतंकवाद पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान की जीत दुनिया के विभिन्न हिस्सों में दूसरे आतंकी गुटों को प्रोत्साहित कर सकती है। उन्होंन चेताया कि आतंकी समूह के साथ बातचीत नितांत आवश्यक है और यूएन चाहता है कि इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रचनात्मक भूमिका निभाई जानी चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि विश्व के कई समूहों ने तालिबान को न सिर्फ उसकी जीत पर बधाई दी बल्कि अपनी क्षमता के बारे में भी उत्साह दिखाया है।