पाक पीएम इमरान खान ने यूएनजीए में अपने देश को अमेरिकी कृतघ्नता का और अंतरराष्ट्रीय दोहरेपन का पीड़ित दिखाने की कोशिश की। खान ने पूर्व रिकॉर्डेड भाषण में विश्व इस्लामोफोबिया, जलवायु परिवर्तन जैसे कई विषयों पर बात की। अपनी अंतिम बात को उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत के साथ किए गए बर्ताव से जोड़ कर समझाने की कोशिश की। उन्होंने अमेरिका को लेकर गुस्सा और दुख जाहिर किया और उस पर पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान दोनों का साथ छोड़ देने का आरोप लगाया। खान ने भारत सरकार के लिए कटु शब्दों का इस्तेमाल कर पीएम मोदी की सरकार को ‘हिंदू राष्ट्रवादी’ बताया।