पिछले साल सात अक्तूबर को इस्राइल पर आतंकी संगठन हमास के हमलों के बाद से बढ़ते खतरों और इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ ब्रिटेन सरकार ने नई परिभाषा जारी की। ब्रिटेन में उग्रवाद को अब हिंसा, घृणा या असहिष्णुता पर आधारित विचारधारा के रूप में परिभाषित किया गया है।
चरमपंथ विचार में हुई अचानक बढ़ोतरी- माइकल गोव
यूके लेवलिंग अप और कम्यूनिटी सेक्रेटरी माइकल गोव ने कहा कि ब्रिटेन को एक बहु-राष्ट्रीय, बहु-जातीय, बहु-विश्वास लोकतंत्र के रूप में सुरक्षित रखने के लिए अपडेट करने की जरूरत थी, जो इसकी विविधता को मजबूत करेगा। उन्होंने विस्तारित परिभाषा के तहत चरमपंथ विचार रखने की आशंका वाले लोगों के उदाहरण के रूप में तीन इस्लामिक समूहों और दो अन्य समूहों का भी नाम लिया।
चरमपंथी विचारधाराओं से लोकतंत्र को खतरा- माइकल
उन्होंने कहा कि सात अक्तूबर के हमलों के बाद चरमपंथी विचारधाराओं की वृद्धि हुई। जिसके चलते हमारा लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विचारधारा वाले लोग लोगों को कट्टरपंथी बनाना चाहते हैं। लोगों को उनके पूर्ण अधिकारों से वंचित करना चाहते हैं। और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाना चाहते हैं।
गौरतलब है कि 2023 में इस्राइल में हमास के आतंकवादी हमलों के बाद से सरकार ने कहा कि चरमपंथी के जोखिमों के बारे में चिंताएं उठाई गई हैं। कम्युनिटी सिक्योरिटी ट्रस्ट ने 2023 में हुए हमलों के बाद से ब्रिटेन में 4,103 यहूदी विरोधी घटनाएं दर्ज कीं, जो 2022 की तुलना में 147 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
बता दें सरकार के चरमपंथ रोधी आयोग ने सोमवार को एक स्वतंत्र रिपोर्ट जारी की थी। आयोग ने 'अंडरस्टैंडिंग एंड रेस्पॉन्डिंग टू ब्लास्फेमी एक्ट्रीरिमिज्म इन यूके'शीर्षक के साथ रिपोर्ट साझा की। इसमें पाकिस्तान के ईशनिंदा विरोधी राजनीतिक दल तहरीक-ए-लब्बैक (टीएलपी) की ब्रिटिश शाखा के उभरने का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में ईशनिंदा से जुड़ी घटनाओं में हाल के वर्षों में वृद्धि हुई है। इनमें चरम सांप्रदायिकता, धमकी और हिंसा शामिल है। इसमें आगे कहा गया, प्रत्येक घटना पर ईशनिंदा विरोधी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। जिनमें से कुछ का संबंध पाकिस्तान में ईशनिंदा विरोधी हिंसक चरमपंथियों से है।