ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को बुधवार को सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी का बचाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि विपक्षी लेबर पार्टी के एक सांसद को निशाना बनाकर उनकी पार्टी के सबसे बड़े दानदाताओं में से एक की टिप्पणी 'नस्लवादी' थी।
हाउस ऑफ कॉमन्स में प्राइम मिनिस्टर क्वेशचन (PMQs) के दौरान, सुनक ने अपनी भारतीय विरासत का संदर्भ देते हुए ब्रिटेन के अमीर व्यवसायी फ्रैंक हेस्टर की कथित टिप्पणी मामले में सरकार का बचाव किया। रिपोर्ट्स के अनुसार 2019 में एक बैठक के दौरान हेस्टर ने कहा था कि लेबर सांसद डायने एबॉट को देखकर आपको ऐसा लगता है कि आप सभी अश्वेत महिलाओं से नफरत करें।
एक अलग बैठक में, हेस्टर, जिन्होंने पिछले साल टोरी (कंजर्वेटिव) पार्टी को 10 मिलियन पाउंड का दान दिया है, ने कहा था कि एबॉट को "गोली मार दी जानी चाहिए"। सुनक ने संसद सदस्यों से कहा, ''कथित टिप्पणियां गलत थीं, वे नस्लभेदी थीं और इस मामले में माफी की मांग करना सही है। इस बात का पछतावा स्वीकार किया जाना चाहिए।"
सुनक ने कहा, "ब्रिटेन में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है और मैं जिस सरकार का नेतृत्व कर रहा हूं वह इसका जीता-जागता सबूत है।" दूसरी ओर, लेबर नेता कीर स्टार्मर ने कहा कि यह स्पष्ट था कि सुनक "हेस्टर को धन (दान) वापस नहीं करेंगे।" स्कॉटिश नेशनलिस्ट पार्टी (एसएनपी) ने सुनक पर "नैतिकता से पहले पैसे को रखने" का आरोप लगाया।
फ्रैंक हेस्टर हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी फर्म फीनिक्स पार्टनरशिप (टीपीपी) के प्रमुख हैं। इस प्रकरण पर टीपीपी ने एक बयान में कहा कि इसके बॉस स्वीकार करते हैं कि वह कई साल पहले एक निजी बैठक में डायने एबॉट के बारे में कठोर थे, लेकिन उनकी आलोचना का उनके लिंग या त्वचा के रंग से कोई लेना-देना नहीं था। इससे पहले सुनक के मंत्रिमंडल के एक मंत्री ने व्यवसायी का बचाव करते हुए कहा है कि वह अपनी कुछ गलत टिप्पणियों के बावजूद नस्लवादी नहीं है।
व्यापार मंत्री केविन हॉलिनरेक ने कहा, "मुझे लगता है कि अब महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या हेस्टर खुद नस्लवादी हैं? मैं जो जानता हूं उससे ऐसा नहीं मानता।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें व्यापक संदर्भ में फैसला करना चाहिए। हमारे पास इतिहास में सबसे विविध कैबिनेट है। हमारे पास इस देश में पहला ब्रिटिश एशियाई प्रधानमंत्री है। हम नस्लवादी पार्टी नहीं हैं।"