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UAE: हिंदू मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के लिए महंत स्वामी महाराज पहुंचे अबूधाबी, शेख नाहयान मुबारक ने किया स्वागत

Tue, 06 Feb 2024 06:43 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, अबूधाबी

सार

यूएई के अबूधाबी में 14 फरवरी को हिंदू मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे। मंगलवार को समारोह से पहले महंतस्वामी महाराज यूएई के अबूधाबी पहुंचे हैं। इस दौरान उनका राजकीय अतिथि के तौर पर स्वागत किया गया। 
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महंत स्वामी महाराज का यूएई के अबूधाबी में स्वागत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अबूधाबी के पहले हिंदू मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए महंतस्वामी महाराज यूएई के अबूधाबी पहुंचे हैं। इस दौरान उनका राजकीय अतिथि के तौर पर स्वागत किया गया। पीएम मोदी 14 फरवरी को अबूधाबी में हिंदू मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत करेंगे। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में पारंपरिक हिंदू वास्तुकला शैली में पहला पाषण निर्मित मंदिर होने जा रहा है, जिसका निर्माण बीएपीएस संस्था द्वारा किया गया है। अबूधाबी में स्थित यह भव्य मंदिर भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मैत्री, सांस्कृतिक सद्भाव व सहयोग की भावना का प्रतीक है।
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महंत स्वामी महाराज का यूएई में स्वागत - फोटो : सोशल मीडिया
मुझे आपके आशीर्वाद की अनुभूति हो रही- नाहयान
अबूधाबी के शेख नाहयान मुबारक अल नाहयान ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि हमारे देश में आपका स्वागत है। मुझे आपके आशीर्वाद की अनुभूति हो रही है। हमारे देश में आपकी उपस्थिति से हम धन्य हैं। उल्लेखनीय है कि 2015 में अबूधाबी के क्राउन प्रिंस और यूएए शेख मोहम्मद बिन जायद नाहयान ने मंदिर के निर्माण के लिए 13.5 एकड़ जमीन उपहार में दी थी। उसके बाद जनवरी 2019 में 13.5 एकड़ भूमि और आवंटित की गई। जिसके बाद कुल 27 एकड़ भूमि मंदिर को भेंट की गई। 
 
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महंत स्वामी महाराज का स्वागत - फोटो : अमर उजाला
यह मंदिर दोनों देशों के संबंधों का प्रतीक- ब्रह्मविहरिदास
पूज्य ब्रह्मविहरिदास स्वामी ने कहा कि अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर वैश्विक सद्भाव, अतीत की समृद्ध विरासत का उत्सव मनाने और भविष्य का मार्गदर्शन करने के लिए एक आध्यात्मिक द्वीप के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर परम पूज्य महंत स्वामी महाराज की आध्यात्मिकता और यूएई और भारत दोनों के नेतृत्व और बीएपीएस संगठन की उदारता, ईमानदारी और मित्रता का एक कालातीत प्रमाण है।
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