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इस्राइल-फलस्तीन के लिए शांति योजना पेश करेंगे ट्रंप

Sat, 25 Jan 2020 04:56 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Donald trump - फोटो : ANI
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे जल्द ही मध्य-पूर्व शांति योजना पेश करने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके प्रतिद्वंद्वी तथा पूर्व सेना प्रमुख बैनी गैंट्ज को आगामी सप्ताह बातचीत के लिए व्हाइट हाउस बुलाया है। इस कदम की आलोचना करने वाले फलस्तीनियों को मंगलवार की बैठक में नहीं बुलाया गया। फलस्तीन ने इस योजना को नकार दिया।

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उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने बैठक की घोषणा करते हुए कहा कि हम व्हाइट हाउस में अपने मित्रों के साथ इस्राइल में शांति और सुरक्षा के लिए व्यापक रूप से सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह एक बेहतरीन योजना है। हो सकता है कि फलस्तीन के लोगों को शुरुआत में यह पसंद नहीं आए लेकिन यह उनके लिए हितकर होगी।

इस बीच फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमेरिका की इस पेशकश को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उनके प्रवक्ता ने कहा कि अब तक अमेरिकी प्रशासन ने येरुशलम को इस्राइली राजधानी की मान्यता देने के अलावा किया ही क्या है? फलस्तीन ने राष्ट्रपति ट्रंप पर भी इस्राइल का पक्षधर रहने का आरोप लगाया। प्रवक्ता नबील अबू रुदिने ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल को हद पार नहीं करनी चाहिए।

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दो साल से टल रही ट्रंप की शांति योजना

ट्रंप ने पहले भी कई बार इस्राइल और फलस्तीन के बीच शांति समझौते के लिए प्रस्ताव पेश करने की बात कही लेकिन उनकी योजना पिछले दो सालों से टल रही है। फलस्तीन के लोगों का मानना है कि ट्रंप की योजना इस्राइल के पक्ष में ही होगी, इसलिए उनके लिए यह बेकार है। बता दें कि अमेरिका वेस्ट बैंक इलाके में इस्राइली कब्जे और येरुशलम को राजधानी मान चुका है, जिसका फलस्तीन हमेशा विरोध करता रहा है।
 

यह है दोनों देशों के बीच विवाद की जड़

1993 में हुए एक शांति समझौते के मुताबिक, येरुशलम की स्थिति को लेकर दोनों देशों के बीच शांति वार्ता होनी हैं। फलस्तीन का कहना है कि इस्राइल ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा है। 1967 के बाद से ही इस्राइल ने यहां कई निर्माण कर लिए हैं। अभी पूर्वी येरुशलम में करीब 2 लाख यहूदियों के घर हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक यह गलत है, जिसे इस्राइल नहीं मानता।

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