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गर्भवती महिलाओं को अब नहीं मिलेगा अमेरिकी वीजा, 24 जनवरी से नियम प्रभावी

Sat, 25 Jan 2020 03:48 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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गर्भवती महिला - फोटो : shutterstock
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन के विरुद्ध लड़ाई में नया मोर्चा खोल दिया है। अब वीजा को लेकर अमेरिका में पाबंदियां लगाना राष्ट्रपति ट्रंप का यह मुख्य एजेंडा रहा है। तथाकथित बर्थ टूरिज्म के नाम पर अमेरिका में प्रवेश पाने वाली गर्भवती महिलाओं को वीजा मिलना अब बंद हो जाएगा। व्हाइट हाउस ने इसके लिए नया नियम लागू कर दिया है जो शुक्रवार से प्रभावी हो गया है।

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व्हाइट हाउस ने कहा है कि गर्भवती महिलाएं बच्चों को जन्म देने के लिए अमेरिका आती हैं ताकि उनके बच्चों को यहां की नागरिकता मिल सके। अमेरिकी संविधान के तहत वहां जन्म लेने वाले को स्वत: ही यूएस नागरिकता मिल जाती है, भले ही वह किसी भी देश का हो। नया नियम लागू होने के बाद अब गर्भवती महिलाओं को अमेरिका की यात्रा करने के लिए कोई दूसरा ठोस कारण बताना होगा।

व्हाइट हाउस प्रवक्ता स्टेफनी ग्रिशम ने कहा, अमेरिकियों की सुरक्षा व राष्ट्रीय हितों की अखंडता को सुरक्षित करना जरूरी है। अब गर्भवती महिलाओं को अस्थायी बी-1 और बी-2 यात्री वीजा जारी नहीं किया जाएगा।
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बर्थ टूरिज्म से अस्पतालों की सुविधाओं पर भारी असर पड़ा था और इससे आपराधिक गतिविधियां बढ़ गई थीं। इस पाबंदी से अमेरिकी करदाताओं की कमाई भी सुरक्षित होगी, जिसका फायदा विदेशी गर्भवती महिलाएं उठाती थीं।

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रूस-चीन की महिलाएं उठाती रही हैं लाभ

वैसे तो दुनिया भर से महिलाएं अमेरिका में बर्थ टूरिज्म का लाभ उठाती रही हैं लेकिन रूस और चीन से बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों को जन्म देने के लिए यहां पहुंचती हैं। सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज के मुताबिक, अकेले 2012 में ही 36 हजार से ज्यादा विदेशी महिलाओं ने अमेरिका में बच्चों को जन्म दिया था।

 71 लाख रुपये तक वसूलते हैं ऑपरेटर

अधिकारियों ने बताया कि ‘बी’ वीजा के जरिए अमेरिका पहुंचकर हर साल बच्चों को जन्म देने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिकी धरती पर बच्चों को जन्म दिलाने के लिए ऑपरेटर एक महिला से एक लाख डॉलर (करीब 71 लाख रुपये) तक वसूलते रहे हैं। 2016 के मध्य से लेकर 2017 के मध्य तक बर्थ वीजा के जरिए 33 हजार बच्चों का जन्म हुआ।
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