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World Updates: पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे SLPP के नेता चुने गए; पाकिस्तान में पांच सुरक्षाबलों की हत्या

Fri, 15 Dec 2023 11:17 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को एक बार फिर श्रीलंका पोडुजना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी का नेता चुना गया है। श्रीलंका में बिगड़े हालात के कारण बदनामी झेलने वाले पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को शुक्रवार को सत्तारूढ़ दल का नेता चुना गया। 
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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान में आज सुबह 9:13 बजे 4.2 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए। फिलहाल नुकसान की कोई सूचना नहीं दी गई है। दूसरी ओर आतंकियों ने शुक्रवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में पुलिस मुख्यालय पर हमला किया। इस दौरान कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की जान चली गई।

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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा। 
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कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

कितनी तबाही लाता है भूकंप?

रिक्टर स्केल असर
0 से 1.9 सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2 से 2.9 हल्का कंपन
3 से 3.9 कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर
4 से 4.9 खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5 से 5.9 फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9 इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7 से 7.9  इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8 से 8.9  इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा।
9 और उससे ज्यादा  पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी।

पाकिस्तान में पुलिस मुख्यालय और चेकपोस्ट पर हमला, 5 सुरक्षाबलों की मौत

पाकिस्तान में आतंकियों ने शुक्रवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में तालिबान के पूर्व गढ़ में एक क्षेत्रीय पुलिस मुख्यालय पर हमला किया। आतंकी वारदात में पांच पुलिसकर्मी मारे गए और कई घायल हो गए। आतंकवादियों ने इसी इलाके में 23 सैनिकों की हत्या कर दी थी। हमला खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में पुलिस लाइन पर हुआ।

आतंकवादी समूह 'अंसारुल जिहाद' ने ली जिम्मेदारी
टैंक जिला पुलिस अधिकारी इफ्तिखार शाह के हवाले से बताया गया कि एक आतंकी ने खुद को बम से उड़ा लिया। इससे एक बड़ा हमला टल गया। उन्होंने कहा कि पुलिस लाइन में मौजूद सभी टुकड़ियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हमले की जिम्मेदारी एक नए आतंकवादी समूह 'अंसारुल जिहाद' ने ली है।

यह हमला तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान (टीजेपी) के आतंकियों के हमले के तीन दिन बाद हुआ है। टीजेपी के हमले में 23 सैनिकों की मौत हो गई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। पाकिस्तान में कुछ बड़े हमलों के पीछे आतंकी संगठन टीजेपी का हाथ रहा है।

वहीं एक अन्य वारदात में आतंकवादियों ने नल्ला बारा तहसील में संयुक्त पुलिस और सुरक्षा बलों की चौकी को निशाना बनाया। इसमें फ्रंटियर कांस्टेबुलरी के दो जवान मारे गए, छह लोग घायल भी हुए हैं। यह हमला तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान (टीजेपी) के आतंकवादियों द्वारा किए गए

आईएनएस कदमट्ट ने पश्चिमी फिलीपीन सागर में किया युद्धाभ्यास
पश्चिमी फिलीपीन सागर में लंबी दूरी की ऑपरेशन तैनाती पर आईएनएस कदमट्ट ने 13 दिसंबर को फिलीपीन नौसेना के बीआरपी रेमन अल्कराज के साथ समुद्री साझेदारी अभ्यास किया। एमपीएक्स के दौरान युद्धाभ्यास, समुद्री मार्गों पर पुनःपूर्ति, भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा उड़ान संचालन और संचार अभ्यास किए गए।  

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे एसएलपीपी नेता चुने गए

एसएलपीपी की जनसभा में महिंदा राजपक्षे (फाइल) - फोटो : फेसबुक/महिंदा राजपक्षे
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को एक बार फिर श्रीलंका पोडुजना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी का नेता चुना गया है। श्रीलंका में बिगड़े हालात के कारण बदनामी झेलने वाले पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को शुक्रवार को सत्तारूढ़ दल का नेता चुना गया। चुनाव के बाद उन्होंने दावा किया कि राजपक्षे परिवार को अभूतपूर्व आर्थिक संकट का कारण बताने की तमाम कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकला। आरोप बेबुनियाद हैं। 78 वर्षीय राजपक्षे को कोलंबो में आयोजित एसएलपीपी के दूसरे सम्मेलन में फिर से नेता चुना गया। उन्होंने 2024 में चुनाव में मजबूत वापसी करने का संकल्प भी दिखाया।

श्रीलंका में आर्थिक दिवालियापन
राजपक्षे ने कहा, हम और मजबूत होकर वापसी करेंगे। जो लोग हमें बदनाम करते हैं और उपहास करते हैं उन्हें अपना काम करने दें। 2005-15 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे राजपक्षे ने कहा, हम पर आर्थिक संकट पैदा करने का अनुचित आरोप लगाया जा रहा है। हमने लिट्टे के साथ युद्ध लड़ने के बावजूद निरंतर विकास सुनिश्चित किया। बता दें कि श्रीलंका में अप्रैल 2022 में पहली बार संप्रभु डिफ़ॉल्ट (sovereign default) की घोषणा हुई थी। आर्थिक दिवालियापन की घोषणा के बाद श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार रसातल में चला गया था। बिगड़ते हालात से आक्रोशित जनता ईंधन, उर्वरक और जरूरी वस्तुओं की कमी के विरोध में सड़कों पर उतर आई थी।
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चीन में टकराईं दो ट्रेनें
चीन की राजधानी बीजिंग में भारी बर्फबारी के कारण दो मेट्रो ट्रेनें आपस में टकरा गईं। हादसे में सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 515 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। जिनमें से 102 की हड्डियां टूटी हुईं थीं। बीजिंग के नगर परिवहन आयोग ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि हादसा तब हुआ जब फिसलन भरी पटरियों के कारण आगे वाली ट्रेन को आपातकालीन ब्रेक लगाना पड़ा। ढलान वाले हिस्से से आ रही पिछली ट्रेन फिसल गई और प्रभावी ढंग से ब्रेक लगाने में विफल रही। जिसकी वजह से दोनों ट्रेनों की टक्कर हो गई।
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