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Hepatitis: हेपेटाइटिस से हर दिन हजारों लोगों की मौत, WHO की रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा

Wed, 10 Apr 2024 11:01 AM IST
अभिषेक दीक्षित यूएन हिंदी समाचार

सार

रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में प्रत्येक दिन 6000 लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित हो रहे हैं। 187 देशों के आंकड़ों से पता चलता है कि वायरल हेपेटाइटिस से होने वाली मौतों की अनुमानित संख्या 2019 में 11 लाख से बढ़कर 2022 में 13 लाख हो गई है। इनमें से 83 प्रतिशत मौतें, हेपेटाइटिस बी के कारण और 17 प्रतिशत मौतें हेपेटाइटिस सी के कारण हुईं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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'विश्व हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2024' में चौंकाने वाला दावा किया गया है। इसमें आगाह भी किया गया है कि यह बीमारी विश्व स्तर पर संक्रामक बीमारियों से होने वाली मौतों का दूसरा प्रमुख कारण है। प्रति वर्ष 13 लाख मौतों के लिए जिम्मेदार यह बीमारी तपेदिक जैसी बीमारियों की श्रेणी में आती है, जिसे ज्यादातर संक्रामक मौतों का एक अन्य बड़ा कारण माना जाता है।

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स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा कि यह रिपोर्ट एक चिंताजनक तस्वीर पेश करती है। हेपेटाइटिस संक्रमण रोकने में विश्व स्तर पर प्रगति होने के बावजूद मौतों की संख्या बढ़ रही है। इसकी बड़ी वजह यह है कि बहुत कम हेपेटाइटिस पीड़ितों के रोग का निदान व इलाज हो पा रहा है।

विश्व हेपेटाइटिस शिखर सम्मेलन के दौरान जारी की गई इस रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि हालांकि, अब निदान एवं उपचार के लिए बेहतर उपकरण उपलब्ध हैं और उनकी कीमतें भी घट रही हैं, लेकिन परीक्षण तथा उपचार कवरेज दरें नहीं बढ़ पाई हैं। एजेंसी ने ये भी कही कि अगर तात्कालिक रूप से तेज कार्रवाई की जाए तो 2030 तक डब्ल्यूएचओ उन्मूलन लक्ष्य तक पहुंचना सम्भव हो सकता है।
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मौतौं में वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में प्रत्येक दिन 6000 लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित हो रहे हैं। 187 देशों के आंकड़ों से पता चलता है कि वायरल हेपेटाइटिस से होने वाली मौतों की अनुमानित संख्या 2019 में 11 लाख से बढ़कर 2022 में 13 लाख हो गई है। इनमें से 83 प्रतिशत मौतें, हेपेटाइटिस बी के कारण और 17 प्रतिशत मौतें हेपेटाइटिस सी के कारण हुईं।

डब्ल्यूएचओ के नवीनतम अनुमान से संकेत मिलता है कि 2022 में 25.4 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी और 5 करोड़ लोग हेपेटाइटिस सी के साथ जी रहे थे। गम्भीर हेपेटाइटिस बी और सी से आधे से ज्यादा संक्रमित लोग 30 और 54 आयु वर्ग से है, जिनमें 12 प्रतिशत बच्चे हैं। सभी मामलों में 58 प्रतिशत पीड़ित पुरुष हैं।

निदान व उपचार की कमी
सभी क्षेत्रों में तीव्र हेपेटाइटिस बी संक्रमण से पीड़ित केवल 13 प्रतिशत लोगों को उचित निदान प्राप्त हुआ और केवल तीन प्रतिशत, यानि 70 लाख लोगों को 2022 के अंत में एंटीवायरल थेरेपी प्राप्त हुई थी, जो 2030 तक क्रोनिक हेपेटाइटिस बी व हेपेटाइटिस सी से पीड़ित 80 प्रतिशत लोगों के इलाज के वैश्विक लक्ष्य से काफी कम है। क्षेत्र के आधार पर भी वायरल हेपेटाइटिस का बोझ अलग-अलग देखने को मिलता है। डब्ल्यूएचओ के अफ्रीकी क्षेत्र में लगभग 63 प्रतिशत नए हेपेटाइटिस बी संक्रमण सामने आते हैं, फिर भी इस क्षेत्र में केवल 18 प्रतिशत नवजात शिशुओं को ही जन्म के समय हेपेटाइटिस बी टीकाकरण प्राप्त होता है.

पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में जहां हेपेटाइटिस बी से 47 प्रतिशत मौतें होती हैं, निदान किए गए लोगों के बीच उपचार कवरेज 23 प्रतिशत है, जो मृत्यु दर घटाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा सस्ती जेनेरिक वायरल हेपेटाइटिस दवाओं की उपलब्धता के बावजूद कई देश उन्हें कम कीमतों पर नहीं खरीद पाते हैं।

महामारी को खत्म करने का खांका
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में, वायरल हेपेटाइटिस से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण बढ़ाने हेतु कार्रवाई की रूपरेखा दी गई है, जिससे 2030 तक महामारी को खत्म करने की दिशा में तेजी लाई जा सके। इसके तहत, परीक्षण व निदान तक लोगों की पहुंच बढ़ाना, प्राथमिक देखभाल रोकथाम प्रयासों को मजबूत करना और समानता युक्त उपचार के लिए नीतियों को लागू करना शामिल है।
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(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)

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