शुक्रवार को मुहर्रम का चांद नजर आ गया है कल 21 अगस्त को मुहर्रम की पहली तारीख थी और 30 अगस्त को यौमे आशूरा मनाया जाएगा। इस्लामी कैलेंडर के हिसाब से मुहर्रम साल का पहला महीना होता है। जिसे साल-ए-हिजरत भी कहा जाता है।
इराक में मुहर्रम के मौके पर बड़े बड़े टैंट लगाए जाते हैं। इराक की तीर्थ नगरी कर्बला में दुनिया के कोने कोने से लोग यहां पहुंचते हैं और इसके कार्यक्रम में शामिल होते हैं। लोगों का हर साल यहां लाखों की संख्या में इकठ्ठा होना आम बात हैं।
कोरोना वायरस को देखते हुए यहां के प्रबंधन ने टैंट लगाए हैं , लेकिन कुछ लोगों का कोरोना वायरस से बचाने के लिए सामाजिक दूरी का प्रयास किया गया है। इस बदलाव को देखकर दुनिया हैरान है।
कहा जा रहा था कि कोरोना महामारी में यह सबसे बड़ी धार्मिक सभा होगी जैसा कि आप जानते हैं सऊदी अरब में हज के मौके पर लाखों हजयात्री जुड़ते हैं लेकिन इस बार छोटा हज ही आयोजित किया गया था।
मुहर्रम को देखते हुए कहा जा रहा था कि कर्बला में लाखों लोगों की भीड़ जुटेगी, जिससे कोरोना वायरस के बढ़ने का खतरा अधिक हो जाएगा। लेकिन इस बदलाव को देखकर, एक अखबार ने लिखा कि, ये सदी का सबसे आश्चर्यजनक मुहर्रम है।
गौरतलब है कि ईराक में अब तक कोरोना वायरस से अबतक 20,376 मौतें हो चुकी है। जो दुनिया के दूसरे स्थान है। फिलहाल ईराक में 354,764 कोराना केस सामने आए है। जिनमें 28,522 एक्टिव केस हैं।