काबुल में रूस के दूतावास ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रूस की आरआईए न्यूज एजेंसी ने सोमवार को अपने दूतावास के हवाले से बताया कि गनी देश से भागते समय अपने साथ चार कारें और हेलीकॉप्टर में कैश भरकर ले गए हैं। रकम इतनी ज्यादा थी कि वो जब हेलीकॉप्टर में नहीं आई, तो उसे हैलीपैड पर ही छोड़ दिया गया।
इससे पहले तालिबान ने भी दावा किया था कि उसे काबुल एयरपोर्ट पर काफी कैश मिला है। उधर, अफगानिस्तान में काबुल एयरपोर्ट पर की गई फायरिंग में सात लोगों की मौत हो गई है। इस बीच भारत से सभी उड़ानें बंद होने के बाद भारतीय नागरिक भी असहाय नजर आ रहे हैं। हालांकि, भारत वायुसेना के विमानों के जरिए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
गनी की लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं
गनी ने रविवार को काबुल छोड़ दिया था। अब तक यह साफ नहीं है कि वो किस हेलीकॉप्टर से भागे और कहां गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गनी तजाकिस्तान में हैं तो कुछ में कहा गया कि तजाकिस्तान ने उन्हें पनाह देने से इनकार कर दिया है, इसलिए वे अमेरिका चले गए हैं। इससे रविवार रात एक फेसबुक पोस्ट में गनी ने कहा था कि अगर वे काबुल में रुकते तो ज्यादा खून-खराबा हो सकता था, इसलिए उन्होंने अफगानिस्तान छोड़ना ही बेहतर समझा। उन्होंने तालिबान से अपील की कि वह देश के लोगों के सम्मान की सुरक्षा करे।
काबुल में दूतावास को बंद नहीं करेगा रूस
इससे पहले रूस ने साफ कर दिया कि वो काबुल में अपना दूतावास बंद नहीं करेगा। रूस की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि हम तालिबान से संबंध बनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन उसे मान्यता देने में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। काबुल में रूसी दूतावास की प्रवक्ता निकिता आईचेंको ने कहा कि गनी ने काबुल छोड़ दिया है। चार कारों और एक हेलिकॉप्टर में कैश रखा गया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पास यह जानकारी चश्मदीदों के हवाले से आई है।
काबुल एयरपोर्ट पर भारी भीड़, गोलीबारी
वहीं, काबुल एयरपोर्ट पर भारी भीड़ जमा हो रही है। फिलहाल एयरपोर्ट अमेरिकी सैनिकों के कंट्रोल में है। रॉयटर्स के मुताबिक, एयरपोर्ट पर हुई गोलीबारी में सात लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी सैनिकों ने काबुल एयरपोर्ट पर दो हथियारबंद लोगों को मार गिराया है। न्यूज एजेंसी एएफपी ने पेंटागन के हवाले से ये रिपोर्ट दी है।
अमेरिका ने तालिबान को मान्यता देने के लिए रखी शर्त
इस बीच खबरें आ रही हैं कि अमेरिका तालिबान सरकार को मान्यता दे सकता है। सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान में भविष्य की सरकार को तभी मान्यता देगा, जब वह अपने लोगों के बुनियादी अधिकारों को बनाए रखने और आतंकियों को देश से बाहर रखेगा। डॉन न्यूज के अनुसार ब्लिंकन की यह टिप्पणी उन मीडिया रिपोर्टों पर आई है जिसमें दावा किया गया है कि चीन तालिबान को वैध सरकार के रूप में मान्यता देने के लिए तैयार है।