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अफगानिस्तान: तालिबान ने महिला मंत्रालय खत्म कर दूसरा मंत्रालय बनाया, कर्मचारियों को निकाला बाहर

Sat, 18 Sep 2021 01:33 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

तालिबान के महिलाओं के काम न करने के फैसले से उनकी रोजी-रोटी का संकट आन पड़ा है। महिलाओं को अधिकार देने के मामलों पर तालिबान किसी की नहीं सुन रहा है।
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अफगानिस्तान में महिलाओं विरोध के दौरान... - फोटो : Social media
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विस्तार
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तालिबान ने महिला मंत्रालय खत्म कर उसकी जगह नैतिकता एवं दुराचार उन्मूलन मंत्रालय की स्थापना की है। तालिबान के मुताबिक, महिलाओं को पुरुषों के साथ काम करने की अनुमति नहीं होगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, काबुल में शुक्रवार को महिला मंत्रालय की इमारत पर लगे चिन्हों को हटाकर उसकी जगह दारी और अरबी भाषाओं में नैतिकता एवं दुराचार उन्मूलन मंत्रालय लिख दिया गया।

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इमारत के बाहर फिल्माए गए वीडियो में एक महिला कर्मचारी यह कहते नजर आ रही हैं कि वह पिछले कई हफ्तों से काम पर आने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसे वहां से घर लौटने के लिए कहा जा रहा था। अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने पर माना जा रहा था कि तालिबान महिलाओं को अधिकार नहीं देगा और यह दिख भी रहा है।

पहले तालिबान ने कहा था कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा लेकिन उसने महिला मामलों के मंत्रालय को नैतिकता एवं दुराचार उन्मूलन मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ प्रमोशन वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस) से बदल दिया। यही नहीं इस विभाग की महिला कर्मचारियों को इमारत से बाहर निकाल दिया।
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हालांकि तालिबान पहले ही घोषणा कर चुका है कि महिलाओं को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जबकि उनकी शिक्षा पर कोई रोक नहीं होगी। बाहर निकाली गईं कर्मचारियों का कहना है कि उनको पहले रिपोर्ट तक नहीं किया गया और उन्हें बार-बार घर जाने के लिए बोला गया।

इसे लेकर काबुल में इमारत में प्रवेश करने से रोके जाने के बाद विभाग की कई महिला कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। एक महिला ने बताया कि मैं पिछले कई सालों से यहां काम कर रही थी, मैं अपने परिवार में अकेली कमाने वाली हूं। अब मंत्रालय को बंद कर दिया गया है तो अब मैं क्या करूंगी।

जब तालिबान सरकार का गठन हो रहा था कि जह लगा था कि तालिबान महिलाओं को सरकार में जगह दे सकता है। लेकिन तालिबान ने किसी महिला मंत्री की नियुक्ति का उल्लेख नहीं किया और आगे शामिल करने की किसी भी संभावना पर कुछ नहीं कहा।

तालिबान ने अमेरिकी सेना की वापसी के बाद पिछले महीने तेजी से अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया तो लड़कियों को स्कूल जाने से रोक दिया गया, और महिलाओं को काम से प्रतिबंधित कर दिया गया।

वहीं इससे पहले 1996 से 2001 तक तालिबान के पहले शासन के दौरान, महिलाओं को बड़े पैमाने पर सार्वजनिक जीवन से बाहर रखा गया था, जिसमें उनके घर से बाहर निकलने तक प्रतिबंध लगा दिया गया था, जब तक कि उनके साथ कोई पुरुष रिश्तेदार न हो। बता दें कि तालिबान के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि महिलाओं को पुरुषों के साथ सरकारी मंत्रालयों में काम करने की इजाजत नहीं होगी।

पुरुष छात्रों, शिक्षकों को विद्यालय जाने का आदेश
तालिबान के शिक्षा मंत्रालय ने छठवीं से 12वीं तक के सभी पुरुष छात्रों और पुरुष शिक्षकों से कहा है कि वे शनिवार से स्कूल जाना शुरू करें। बयान में इस आयुवर्ग की लड़कियों/छात्राओं के बारे में कुछ नहीं कहा गया और निर्देशों में इस कमी ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं कि तालिबान फिर से लड़कियों और महिलाओं पर पाबंदियां लगाएगा।

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