गौरतलब है कि सलमा डैम अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में स्थित है। इसे भारत-अफगानिस्तान के फ्रेंडशिप डैम के रूप में भी जाना जाता है। तालिबान के प्रवक्ता ने इस डैम पर कब्जा करने की पुष्टि की है। गौर करने वाली बात यह है कि तालिबान ने पहली बार सलमा डैम को निशाने पर नहीं लिया। वह चार अगस्त को भी इस डैम पर हमला कर चुका है। उस दौरान अफगानिस्तान सरकार ने हमले को नाकाम कर दिया था।
बता दें कि साल 2016 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ मिलकर सलमा डैम का उद्घाटन किया था। इस डैम को अफगानिस्तान और भारत फ्रेंडशिप डैम के रूप में भी जाना जाता है। हेरात प्रांत में हरी रुद नदी पर बने सलमा डैम से बड़े स्तर पर बिजली का उत्पादन होता है। साथ ही, यह डैम 75 हजार हेक्टेयर जमीन को पानी देने के काम भी आता है।
जानकारी के मुताबिक, तालिबान लगातार अफगानिस्तान में अपने पैर पसार रहा है। वह 34 प्रांतीय राजधानियों में से 18 पर कब्जा कर चुका है। इसका मतलब यह है कि अफगानिस्तान के दो-तिहाई हिस्सों पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। उसका अगला निशाना राजधानी काबुल है, जिससे तालिबान महज 50 किलोमीटर दूर है।