सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद
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सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद को चुनाव में चौथी बार सात साल के कार्यकाल के लिए ऐतिहासिक जीत मिली है। पश्चिमी देशों और असद विरोधियों ने चुनावों को जहां अवैध और पाखंड भरा करार दिया।
95.1 फीसदी वोट मिले बशर अल-असद को, विपक्ष ने रूस और ईरान को घेरा
इस चुनाव में राष्ट्रपति को 95.1 फीसदी मत मिले। उन्हें चुनौती देने वाले दो उम्मीदवारों में से महमूद अहमद मारी को 3.3 फीसदी और अब्दुल्ला सालौम अब्दुल्ला को 1.5 प्रतिशत मत ही मिल पाए।
सीरिया के चुनाव में करीब 1.8 करोड़ लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि दस साल से जारी संघर्ष से प्रभावित देश में विद्रोहियों और कुर्द बलों के नियंत्रण वाले इलाकों में मतदान नहीं हुआ। उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर सीरिया के इन इलाकों में कम से कम 80 लाख लोग रहते हैं जिनमें से अधिकांश विस्थापित हैं।
करीब 50 लाख शरणार्थियों ने मत नहीं डालने का फैसला किया। सीरियाई समझौता आयोग के प्रवक्ता याह्या अल-अफरीदी ने कहा कि ये चुनाव सीरिया की जनता का अपमान है क्योंकि इसमें रूस और ईरान की सहायता से सरकार ने राजनीतिक प्रक्रिया को खत्म करने के लिए फैसला लिया है। इससे जुल्म जारी रहेंगे। फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और अमेरिका मतदान से पहले एक साझा बयान में इस चुनाव को अवैध बता चुके हैं।
देश की जनता एक है
दमिश्क में अपना मत डालने के बाद असद ने कहा था कि सीरिया वैसा नहीं है जैसा विपक्षी लोग बेचने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, एक शहर दूसरे से लड़ रहा है, एक समुदाय दूसरे का विरोधी है, या जहाँ गृह युद्ध छिड़ा हुआ है। असद ने कहा कि आज हम चुनाव से यह साबित कर रहे हैं कि सीरिया की जनता एक है।