श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। श्रीलंका में पिछले साल से 340 से ज्यादा स्थानीय निकायों के चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं।
श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने श्रीलंकाई सरकार को जल्द स्थानीय चुनाव कराने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए श्रीलंका सरकार की आलोचना की। श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। श्रीलंका में पिछले साल से 340 से ज्यादा स्थानीय निकायों के चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने बताया- नागरिक अधिकारों का उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों और राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने चुनाव न कराकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। श्रीलंका में बीते साल मार्च में स्थानीय चुनाव होने थे, लेकिन चुनाव आयोग ने आर्थिक तंगी और वित्त पोषण की कमी के चलते चुनाव कराने से इनकार कर दिया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया और कहा कि इस दावे के पक्ष में पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
न्यायालय ने वित्त विभाग को चुनाव कराने के लिए धन आवंटित करने का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने वित्त विभाग को स्थानीय परिषद चुनाव कराने के लिए जरूरी धनराशि आवंटित करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्थानीय चुनाव 21 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों को बाधित किए बगैर आयोजित किए जाने चाहिए।