प्रश्न- डॉ. अब्दुल गफूर, कोलकाता में घटी घटना पर आप लोगों ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। इस घटना पर पाकिस्तान की डॉक्टर बिरादरी की क्या प्रतिक्रिया है? पाकिस्तान के सामान्य लोग इस घटना को किस तरह से देख रहे हैं?
उत्तर- कोलकाता में हुई घटना पर पाकिस्तान के स्वास्थ्य कर्मी बेहद चिंतित और दुखी हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को कई बार अपने कार्य के दौरान हिंसा का सामना करना पड़ता है, लेकिन कोलकाता में उस डॉक्टर की जिस तरह से दुष्कर्म और हत्या की गई है, वह जघन्य है। पड़ोसी देश होने के कारण यहां भी लोग भारत में घट रही घटनाओं को देखते रहते हैं। कोलकाता की घटना देखकर पाकिस्तान का आम नागरिक भी दुखी और आक्रोशित है। पाकिस्तान की मेन स्ट्रीम मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोग इस घटना पर अपनी चिंता और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। हम लोग मृतक डॉक्टर और उसके परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
प्रश्न- जब हम स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा की बात करते हैं, तो भारत में ही नहीं, लगभग पूरे दक्षिण एशिया में हालात खराब हैं। पाकिस्तान में आप लोग (स्वास्थ्यकर्मी) अपने आपको कितना सुरक्षित पाते हैं? क्या आप लोगों को भी अपनी सेवा के दौरान इसी तरह से हिंसा का सामना करना पड़ता है?
उत्तर- पाकिस्तान में भी स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा एक चिंताजनक और संदेहपूर्ण विषय है। वायलेंस अगेंस्ट हेल्थ केयर इन कनफ्लिक्ट की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि 2022 में पाकिस्तान में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हिंसा या स्वास्थ्य कार्यों में बाधा डालने की 16 बड़ी घटनाएं घटी थीं। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस तरह की हिंसा की घटनाओं में साल दर साल लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य कर्मियों की मातृ संस्था होने के कारण पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन (PMA) डॉक्टरों-नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ या अन्य सहकर्मियों की सुरक्षा के लिए सदैव चिंतित रहती है। हम अपनी सरकारों के सामने स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा का विषय लगातार उठाते रहते हैं।
प्रश्न- बेहतर स्वास्थ्य सेवा पाने के लिए पाकिस्तान से बड़ी संख्या में लोग हर साल भारत आते हैं। आपको क्या लगता है, कोलकाता जैसी घटनाएं ऐसे लोगों को प्रभावित कर सकती हैं?
उत्तर- बिल्कुल, मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं से लोगों में अपनी सुरक्षा के प्रति चिंता पैदा होती है। इससे हिंदुस्तान का मेडिकल टूरिज्म सेक्टर प्रभावित हो सकता है।
प्रश्न- डॉक्टर लोगों की जान बचाते हैं, उनकी सेवा करते हैं। समाज में उनकी छवि भी बहुत अच्छी होती है। लेकिन इसके बाद भी उनके साथ इस तरह की हिंसक घटनाएं घटती हैं। ऐसा क्यों होता है? इसे रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
उत्तर- अस्पतालों के प्रबंधन की लापरवाही इस तरह की घटनाओं के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार होती है। मैं किसी घटना विशेष पर अपनी कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूं, लेकिन मुझे लगता है कि कोलकाता में जो हुआ है, वह बहुत बर्बरतापूर्ण और लोगों को परेशान करने वाली घटना है। इस तरह की हिंसा के पीछे का कारण समझना आसान नहीं होता। इसके लिए हमें कानूनी प्रावधान, सुरक्षा की स्थिति, आम नागरिकों की शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे कई अहम कोणों से चीजों को समझना पड़ेगा। मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आपसी तालमेल बेहतर करते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे।
प्रश्न- वैश्विक स्टैंडर्ड को देखते हुए आप पाकिस्तान की स्वास्थ्य सेवाओं को किस स्तर पर पाते हैं? इसे बेहतर करने के लिए पाकिस्तान क्या कर रहा है?
उत्तर- विकासशील देशों की अपनी समस्याएं होती हैं। राजनीतिक अस्थिरता से दुनिया के किसी भी देश में विकास की राह प्रभावित होती है। इस तरह की समस्याएं हम भी झेल रहे हैं। वैश्विक स्तर को देखते हुए वर्तमान में पाकिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत अच्छी श्रेणी का नहीं कहा जा सकता, लेकिन अच्छी बात है कि हम लगातार सुधार कर रहे हैं। हालांकि, अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है।