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दक्षिण अफ्रीका: पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को मिली मेडिकल पैरोल, विपक्ष संसद में मुद्दा उठाने को तैयार

Mon, 06 Sep 2021 12:27 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, जोहानिसबर्ग

सार

  • अदालत  ने पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को जून में अपील हारने के बाद सुनाई गई थी सजा
  • सुधार सेवा विभाग ने कहा, जब तक उसकी सजा समाप्त नहीं हो जाती, तब तक उसकी की जाएगी निगरानी
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दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को स्वास्थ्य कारणों से दी गई मेडिकल पैरोल का मुद्दा विपक्ष राजनीतिक पार्टियां संसद में उठाएंगी। जबकि इस तरह के पैरोल का अनुरोध करने वाले अन्य कैदियों की जेल में मृत्यु भी हो चुकी है। इससे इनकार किया जा रहा है। पार्टी प्रतिनिधियों ने रविवार शाम टीवी चैनल न्यूजरूम अफ्रीका (एसआईसी) पर एक बहस में यह बात कही है।

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सुधार सेवा विभाग ने रविवार को पहले घोषणा की  कि जुमा को अदालत की अवमानना के लिए 15 महीने की सजा सुनाने के बाद दो महीने से भी कम समय में लाइलाज बीमारी के अटकलों के बीच मेडिकल पैरोल पर रिहा किया जाना है। 

जैकब जुमा को उनके खराब स्वास्थ्य के कारण मेडिकल पैरोल दी गई है। जुमा पहले से ही अदालत की अवमानना करने के जुर्म में 15 महीने की जेल की सजा काट रहे हैं। वह राजनीतिक भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए गठित आयोग के सामने उपस्थित नहीं हो रहे थे जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी अपील खारिज कर दी थी। इस जांच में कई चश्मदीदों ने उनके खिलाफ गवाही दी है।
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सुधार सेवा विभाग ने रविवार को एक बयान में कहा, जुमा के लिए मेडिकल पैरोल का मतलब है कि वह सामुदायिक सुधार की प्रणाली में शेष सजा को पूरा करेंगे, जिसमें उन्हें शर्तों का नियमानुसार पालन करना होगा। जब तक उनकी सजा समाप्त नहीं हो जाती, तब तक उनकी निगरानी की जाएगी। 
 

बयान में कहा गया है, हम यह दोहराना चाहते हैं कि मेडिकल पैरोल सभी सजा पाए गए अपराधियों के लिए एक विकल्प के तौर पर उपलब्ध है, बशर्ते वे सभी आवश्यकताओं को पूरा करते हों। 
 

सुधार सेवा के प्रवक्ता सिंगाबाखो नक्सुमालो ने कहा कि वह जूमा की सटीक स्थिति का खुलासा नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने प्रासंगिक कानून का हवाला दिया जो इस प्रकार के पैरोल की अनुमति देता है।
 

चिकित्सा आधार पर, नक्सुमालो ने न्यूजरूम अफ्रीका (एसआईसी) को बताया कि यह कोई ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो मानसिक रूप से बीमार हो या शारीरिक रूप से अक्षम हो, इसलिए यह एक कैदी है जिसकी दैनिक गतिविधि अब सीमित है और कोई ऐसा व्यक्ति जो स्वयं की देखभाल करने में असमर्थ है। इसलिए, उस व्यक्ति के पैरोल के लिए विचार किया जाना चाहिए। 

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