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अमेरिका: सिख नौसैनिक को ड्यूटी के दौरान पगड़ी पहनने की अनुमति मिली, युद्ध क्षेत्र में मनाही

Mon, 27 Sep 2021 02:41 PM IST
अजय सिंह न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, न्यूयॉर्क।

सार

लेफ्टिनेंट सुखबीर तूर ने इस अधिकार को प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया है। इस साल जब वह पदोन्नति पाकर कैप्टन बने तो उन्होंने अपील का फैसला किया। खबर के अनुसार यह इतने लंबे समय तक चला इस तरह का पहला मामला था।
 
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- फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिका में रहने वाले 26 वर्षीय सिख-अमेरिकी नौसैनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट सुखबीर तूर को कुछ सीमाओं के साथ पगड़ी पहनने की अनुमति दे दी गई है। अमेरिकी नौसेना के 246 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। नौसैनिक अफसर तूर ने अमेरिका से पूर्ण धार्मिक आजादी की मांग की है और ऐसा नहीं होने पर वह कोर के खिलाफ मुकदमा करने का मन बना रहे हैं।

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अपनी पांच वर्षों की सेवाओं में लेफ्टिनेंट सुखबीर तूर हर सुबह अमेरिकी नौसैनिक कोर की वर्दी पहनते आए हैं और अब सिर पर सिख पगड़ी पहनने की उनकी तमन्ना भी पूरी हो गई है। मरीन कोर के 246 साल के इतिहास में तूर पहले शख्स हैं, जिन्हें पगड़ी पहनने की इजाजत मिली है।

तूर ने एक साक्षात्कार में कहा, खुशी है कि मुझे मेरे विश्वास व देश में से किसी एक को चुनने की नौबत नहीं आई। मैं जैसा हूं, वैसा ही रहते हुए दोनों का सम्मान करता हूं। तूर ने इस अधिकार को हासिल करने के लिए काफी संघर्ष किया है। इस साल जब वे पदोन्नत होकर कैप्टन बने तो उन्होंने अपील का फैसला किया।वे वाशिंगटन व ओहायो में पले-बढ़े।
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सामान्य ड्यूटी पर ही पहन सकेंगे पगड़ी
भारतीय प्रवासी के बेटे सुखबीर तूर को कुछ सीमाओं के साथ ड्यूटी पर पगड़ी पहनने की अनुमति मिली है। वह सामान्य ड्यूटी के दौरान पगड़ी पहन सकते हैं, लेकिन युद्ध क्षेत्र में तैनाती पर वे ऐसा नहीं कर सकेंगे। तूर ने मरीन कोर कमांडेंट के प्रतिबंधात्मक निर्णय के खिलाफ अपील की है, और उनका कहना है कि अगर उन्हें सभी जगह पगड़ी पहनने की अनुमति नहीं मिलती है तो वह कोर के विरुद्ध मुकदमा करेंगे। 

सेना व वायुसेना में भी सिखों का संघर्ष
इससे पहले अमेरिकी सेना और वायुसेना में दाढ़ी रखने व पगड़ी पहनने के लिए भी सिख समुदाय के सैनिक लड़ाई लड़ चुके हैं। लंबे संघर्ष के बाद उन्हें इसकी इजाजत मिली और फिलहाल करीब 100 सिख दाढ़ी और पगड़ी के साथ अमेरिकी सेना व वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं।

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