विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अफगानिस्तान पर जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मानवीय जरूरतों के जवाब में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एक साथ आना चाहिए। और सहायता निर्बाध तरीके से सीधी प्रदान की जानी चाहिए।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि किसी भी तरह से आतंकवाद के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल नहीं करने देने की तालिबान की प्रतिबद्धता को लागू किया जाना चाहिए। दुनिया एक व्यापक आधार वाली समावेशी प्रक्रिया की अपेक्षा करती है जिसमें अफगान समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व शामिल हो।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने यूएनएससी प्रस्ताव 2593 पर कहा कि यह वैश्विक भावना को दर्शाता है और हमारे दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करना जारी रखना चाहिए। भारत की भागीदारी अफगान लोगों के साथ उसकी ऐतिहासिक मित्रता से प्रेरित होगी।
क्या है जी 20
जी20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रीयों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स का एक संगठन है, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। जिसका प्रतिनिधित्व यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा किया है।
महात्मा गांधी का जिक्र किया
टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि उपनिवेशवाद और नस्लीय भेदभाव का विरोध करने के लिए, महात्मा गांधी ने सत्याग्रह का हथियार बनाया, जो कि सत्य और अहिंसा है। हथियार के रूप में सत्य और अहिंसा के साथ, उन्होंने भारत को स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया।