जी-4 मंत्रियों की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया है। इसमें उन्होंने कहा कि जी-4 मंत्रियों ने सुरक्षा परिषद को और अधिक वैध, प्रभावी और प्रतिनिधि बनाने के लिए इसमें सुधार करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें उच्च स्तरीय सत्र में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। साथ ही एस जयशंकर ने जी-4 मंत्रियों से भी मुलाकात की।
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मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया कि जी-4 विदेश मंत्रियों जर्मनी के संघीय विदेश मंत्री हेइको मास, ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस अल्बर्टो फ्रेंको फ्रांका और जापानी विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु के साथ बहुपक्षवाद में सुधार की आवश्यकता पर एक स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि सभी ने एक निश्चित समय सीमा में ठोस परिणाम के लिए आह्वान किया है।
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जी-4 मंत्रियों की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया है। इसमें उन्होंने कहा कि जी-4 मंत्रियों ने सुरक्षा परिषद को और अधिक वैध, प्रभावी और प्रतिनिधि बनाने के लिए इसमें सुधार करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
बयान में कहा गया है कि जी-4 मंत्रियों ने एक निश्चित समय सीमा में ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए अन्य सुधारवादी देशों और समूहों सहित सभी इच्छुक सदस्य देशों के साथ बातचीत तेज करने का फैसला किया गया है।
तंजानिया के एफएम लिबरेटा मुलामुला से की मुलाकात
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने तंजानिया के एफएम लिबरेटा मुलामुला से मुलाकात पर ट्वीट किया कि हमारी विकास साझेदारी और पारंपरिक राजनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए हम मिलकर काम करेंगे।
जापानी विदेश मंत्री मोतेगी से मिले जयशंकर
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जापानी विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु से भी मुलाकात की और ट्वीट किया। जयशंकर ने भारत-प्रशांत की घटनाओं पर तोशिमित्सु की अंतर्दृष्टि की सराहना की। इस दौरान अफगानिस्तान को लेकर भी बातचीत हुई।
भारत, ब्राजील, जर्मनी व जापान ने कहा, सुरक्षा परिषद में सुधार जरूरी
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान ने एक बार फिर दोहराया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाते हुए उसमें सुधार करना अति आवश्यक है। ऐसा होने पर ही यह वैश्विक निकाय अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में जटिल और बदलती चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट सकेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर, ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस अल्बर्टो फ्रांको फ्रैंका, जर्मनी के संघीय विदेश मंत्री हीको मास और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्शू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के दौरान मुलाकात की।
जी-4 मंत्री स्तरीय साझा बयान में कहा गया है कि इन देशों ने सुरक्षा परिषद को अधिक तर्कसंगत, प्रभावी और सभी का प्रतिनिधित्व करने वाली बनाने के लिए उसमें सुधार की तत्काल जरूरत है।
जी-4 मंत्रियों ने सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों के तौर पर शामिल होने के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी का समर्थन किया। बता दें कि इस साल जनवरी में भारत दो साल के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य के तौर पर सुरक्षा परिषद में शामिल हुआ है और उसका कार्यकाल दिसंबर 2022 में समाप्त हो जाएगा। भारत ने अगस्त में सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता भी की।
इंडोनेशिया ने रखी जी-20 की अध्यक्षता के लिए प्राथमिकता
इंडोनेशिया के अगले साल जी-20 देशों की अध्यक्षता ग्रहण करने की तैयारी के साथ राष्ट्रपति जोको विडोडो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी प्राथमिकताएं रखीं। दुनिया के चौथे सबसे बड़े देश के नेता ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक बयान में कहा कि 2022 की अध्यक्षता की थीम ‘एक साथ मिलकर उबरे, मजबूती से उबरे’ होगी और उनकी प्राथमिकता सूची में समावेशी हरित अर्थव्यवस्था का मुद्दा शीर्ष पर होगा।