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Russia: यूक्रेन में शांति की वकालत पर भड़का रूस, कहा- कीव ने खुद को अपने हाथों से नष्ट किया; भारत की तारीफ की

Sun, 10 Sep 2023 02:50 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिम देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम देश केवल यह मांग कर सकता है कि रूस अपनी आक्रामकता बंद कर दे, लेकिन संयुक्त राष्ट्र चार्टर में समानता के सिद्धांत का भी उल्लेख किया गया है।
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Sergey Lavrov - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इस वक्त सारी दुनिया की नजरें देश में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन पर टिकी हुई हैं। इस शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं का संयुक्त घोषणा पत्र जारी हुआ, जिसमें यूक्रेन में शांति का आह्वान किया गया है। साथ ही सदस्य देशों से इलाकों पर कब्जा करने के लिए ताकत के इस्तेमाल या किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ कार्य करने से बचने का आग्रह किया गया। अब इसी घोषणा पत्र को लेकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पश्चिम देशों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि जैसे ही हम यूक्रेन के बारे में बात करना शुरू करते हैं, पश्चिम एक बुद्धिमान चर्चा बनाए रखने में असमर्थ हो जाता है। हालांकि, इस दौरान लावरोव ने भारत की अध्यक्षता की तारीफ की। 

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिम देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम देश केवल यह मांग कर सकता है कि रूस अपनी आक्रामकता बंद कर दे और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता को बहाल करे, लेकिन संयुक्त राष्ट्र चार्टर में समानता के सिद्धांत का भी उल्लेख किया गया है। 

उन्होंने कहा कि कीव शासन ने अपने देश की क्षेत्रीय अखंडता को अपने हाथों से नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे कुछ पश्चिमी सहयोगी भी इसे समझते हैं, लेकिन आप अच्छी तरह जानते हैं कि वे रूस की रणनीतिक हार पर अपना दांव लगा रहे हैं।

लावरोव ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकासशील देशों को सालाना 100 अरब डॉलर देने का वादा किया था, लेकिन इसे कभी पूरा नहीं किया।  

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यह कई मायनों में निर्णायक शिखर सम्मेलन 

रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि अभी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन यह शिखर सम्मेलन एक मील का पत्थर रहा है। उन्होंने कहा कि मैं जी-20 की अध्यक्षता कर रहे भारत की सक्रिय भूमिका का भी उल्लेख करना चाहूंगा, जिसने इतिहास में पहली बार वैश्विक दक्षिण से जी-20 देशों को वास्तव में एकजुट किया है। हमारे ब्रिक्स साझेदार ब्राजील, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका विशेष रूप से सक्रिय रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में हुआ जी-20 शिखर सम्मेलन सफल रहा है। यह हमें कई प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ने का रास्ता प्रदान करता है। जी-20 के अध्यक्ष के रूप में भारत ने पहली बार ग्लोबल साउथ की स्थिति मजबूत की। रूसी मंत्री ने कहा कि मैं जी-20 के राजनीतिकरण के प्रयासों को रोकने के लिए भारत के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं।

जी-20 घोषणा पर रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि जैसा कि हम दुनिया में सत्ता के नए केंद्र देख रहे हैं, इससे साफ है कि पश्चिम का आधिपत्य नहीं रह पाएगा।

नई दिल्ली जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की घोषणा पर आम सहमति पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि जब वे इस पर सहमत हुए, तो शायद यह उनकी मन की आवाज थी। स्पष्ट रूप से कहें तो, हमें इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि मैं यह रेखांकित करना चाहता हूं कि हम उस पैराग्राफ (यूक्रेन और रूस पर) को घोषणा पत्र के बाकी काम से अलग नहीं कर सकते है।

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उन्होंने कहा कि यह साल ग्लोबल साउथ के एकीकरण के बारे में है, जो वास्तव में जी-20 को अपने मुख्य लक्ष्यों के लिए काम करने के लिए तैयार है।

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