हमला करने वाले कैदियों की पहचान रामजीदीन तोशेव (28 वर्षीय) रुस्तमचोन नवरूजी (23 वर्षीय) नाजिरचोन तोशोव (28 वर्षीय) और तैमूर खुशिनोव (29 वर्षीय) के रूप में हुई है। ये चारों उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान मूल के थे। इन आतंकियों के हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई।
रूस के वोल्गोग्राड इलाके में स्थित उच्च सुरक्षा वाली जेल आईके-19 सुरोविकिनो पैनल कालोनी में आईएसआईएस आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस खूनी संघर्ष में आठ लोगों की मौत हो गई। ISIS आतंकियों ने चाकूओं से जेल कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों पर हमला बोल दिया। बाद में रूसी सुरक्षाबलों ने चारों आतंकियों को मार गिराया।
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जेलकर्मियों और कैदियों को आतंकियों ने बनाया बंधक
घटना शुक्रवार की है। दरअसल जेल में अनुशासन संबंधी बैठक चल रही थी। इसी दौरान कैदियों के एक समूह ने जेल कर्मचारियों पर चाकूओं से हमला कर दिया। हमला करने वाले कैदियों की पहचान रामजीदीन तोशेव (28 वर्षीय) रुस्तमचोन नवरूजी (23 वर्षीय) नाजिरचोन तोशोव (28 वर्षीय) और तैमूर खुशिनोव (29 वर्षीय) के रूप में हुई है। ये चारों उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान मूल के थे। इन आतंकियों के हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। साथ ही इन लोगों ने आठ अन्य सुरक्षाकर्मियों और चार कैदियों को बंधक भी बना लिया।
स्नाइपर्स के हमले में ढेर हुए आतंकी
जेल में हुए इस खूनी संघर्ष के वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए। वीडियो में आरोपी आतंकियों ने आतंकी संगठन आईएसआईएस से अपने जुड़ाव का एलान किया और साथ ही ये दावा किया कि मुस्लिमों पर हमलों का बदला लेने के लिए उन्होंने इस हमले को अंजाम दिया है। कैदियों के हमले के बाद रूस की स्पेशल फोर्स के स्नाइपर्स ने मोर्चा संभाला और चारों आतंकियों को ढेर कर दिया। इस घटना में कई कैदी और जेल कर्मचारी घायल भी हुए हैं।
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सुरक्षाबलों ने पहले बातचीत के जरिए आतंकियों के कब्जे से बंधकों को छुड़ाने की कोशिश की। इसके चलते जेल परिसर में कई घंटे तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। आखिरकार विशेष बलों ने कार्रवाई कर चारों आतंकियों को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। वोल्गोग्राड घटना की जानकारी सुरक्षा अधिकारियों ने राष्ट्रपति पुतिन को भी दी। वोल्गोग्राड के गवर्नर आंद्रेई बोचारोव ने कहा, 'हमारे क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को रूस के कानूनों का सम्मान करना और उनका पालन करना आवश्यक है। हम किसी को भी जातीय विवाद भड़काने की कोशिश करने की अनुमति नहीं देंगे।'
यह हाल के महीनों में दूसरी ऐसी घटना है, जून में रोस्तोव क्षेत्र की एक जेल में इसी तरह आईएसआईएस आतंकियों ने जेल जेल कर्मियों को बंधक बना लिया था। इस घटना में पांच कैदियों की मौत हो गई थी और एक को पकड़ लिया गया था।