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UN: 'धनी देशों में मानव विकास रिकॉर्ड स्तर पर, मगर निर्धन देशों के लिए गहरा झटका', संयुक्त राष्ट्र का दावा

Thu, 14 Mar 2024 11:05 AM IST
काव्या मिश्रा यूएन हिंदी समाचार

सार

मानव विकास रिपोर्ट (एचडीआर) बुधवार को 'ब्रेकिंग द ग्रिडलॉक: रीइमेजिंग कोऑपरेशन इन ए पॉलराइज्ड वर्ल्ड' नाम से प्रकाशित की गई है। इसमें प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय, शिक्षा, और जीवन प्रत्याशा के आधार पर देशों का विश्लेषण किया गया है। 
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काहिरा में एक छह वर्षीय बच्ची झुग्गियों में रहने के लिए मजबूर। - फोटो : संयुक्त राष्ट्र
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विस्तार
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मानव विकास पर जारी संयुक्त राष्ट्र की एक नवीन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2023 में वैश्विक मानव विकास अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, मगर उसके साथ ही संपन्न व वंचित समुदायों के बीच की खाई और गहरी हुई है। बताया गया है कि विषमतापूर्ण विकास के कारण सबसे निर्धन देश पीछे छूट रहे हैं, असमानताएं बढ़ रही हैं और राजनैतिक ध्रुवीकरण को हवा मिल रही है। 

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मानव विकास रिपोर्ट (एचडीआर) बुधवार को 'ब्रेकिंग द ग्रिडलॉक: रीइमेजिंग कोऑपरेशन इन ए पॉलराइज्ड वर्ल्ड' नाम से प्रकाशित की गई है। इसमें प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय, शिक्षा, और जीवन प्रत्याशा के आधार पर देशों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से तत्काल इसका समाधान किया जाना चाहिए।

यह देश आगे
रिपोर्ट में बताया गया है कि स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और आइसलैंड, राष्ट्रीय मानव विकास सूचकों में अग्रणी देश हैं, जबकि मध्य अफ्रीकी गणराज्य, दक्षिण सूडान और सोमालिया सबसे पीछे हैं। 
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इसमें एक चिंता पैदा करनी वाली बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वैश्विक मानव विकास सूचकांक (HDI) बेहतरी की ओर अग्रसर है, लेकिन यह अपूर्ण, असमान है। साथ ही यह आंशिक वैश्विक स्थिति को बयां करता है। पिछले साल का एचडीआई बताता है कि 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब यह एक ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।  

रिपोर्ट के अनुसार, धनी देशों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। हालांकि, विश्व के निर्धन देशों में से करीब आधे देश, कोविड संकट से पहले के स्तर से भी नीचे लुढ़क गए हैं।

बुनियादी वजहों और टिकाऊ विकास पर होने वाले असर पर नजर
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने मानव विकास रिपोर्ट के आधार पर कहा कि इसमें ध्रुवीकरण की बुनियादी वजहों और टिकाऊ विकास पर होने वाले असर पर नजर डाली गई है, मगर यह भविष्य के लिए हमारी उम्मीद की भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट अन्तरराष्ट्रीय सहयोग की हमारी व्यवस्थाओं में जल्द विस्तार की अहमियत पर प्रकाश डालती है।

गुतारेस ने कहा कि आम लोगों की प्राथमिकताओं को पूरा करने के नजरिये से टिकाऊ विकास, एक स्वच्छ पर्यावरण, रहने योग्य पृथ्वी, सुरक्षा, और सर्वजन के लिए गरिमा महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य की शिखर बैठक का उल्लेख किया, जो इस साल सितंबर में होनी है। 

उन्होंने कहा, 'इस शिखर बैठक की तैयारियों के तहत मैं एक अहम योगदान के रूप में मानव विकास रिपोर्ट की अनुशंसा करता हूं। यह दर्शाती है कि वैश्विक समस्याओं के समाधान हमारी पहुंच में हैं। सहयोग की नए सिरे से कल्पना करके और एक बेहतर भविष्य के लिए एकजुट होकर समस्याओं से निपटा जा सकता है।'

मानव विकास की चौड़ी होती खाई उजागर हुई
यूएन विकास कार्यक्रम के प्रशासक एखिम स्टाइनर ने कहा कि, 'मानव विकास की चौड़ी होती खाई इस रिपोर्ट से उजागर हुई है, जो दर्शाती है कि संपन्न व निर्धन देशों के बीच स्थिर गति से घटती असमानता का दो दशकों पुराना रुझान अब पलट गया है।' उन्होंने कहा, 'गहराई तक आपस में जुड़े हमारे वैश्विक समाजों के बावजूद, हमारे प्रयास पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं।'

उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी आत्मनिर्भरता और क्षमताओं का लाभ उठाकर, साझा व अस्तित्व से जुड़ी चुनौतियों से निपटना होगा, ताकि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके।

लोकतंत्र व्यवस्था के लिए एक विरोधाभास भी नजर आया
यूएन विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट में लोकतंत्र व्यवस्था के लिए एक विरोधाभास उभरता भी नजर आया है। सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 90 प्रतिशत प्रतिभागियों ने लोकतंत्र के लिए समर्थन व्यक्त किया, मगर साथ ही उन नेताओं का भी पक्ष लिया, जिनसे लोकतांत्रिक सिद्धान्त कमजोर हो सकते हैं।

रिपोर्ट बताती है कि इस विरोधाभास, शक्तिहीनता के एहसास और सरकारी निर्णयों पर कोई नियंत्रण ना होने की वजह से, राजनैतिक ध्रुवीकरण को बल मिला है और आत्म-केन्द्रित नीतिगत तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं। बढ़ते जलवायु संकट, कृत्रिम बुद्धिमता और नई उभरती हुई टैक्नॉलॉजी समेत अन्य वैश्विक चुनौतियों की पृष्ठभूमि में एकजुट कार्रवाई के रास्ते में यह बाधक है।

कुछ जरूरी निष्कर्ष

(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)

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