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Report: पाकिस्तान से 25,000 अफगान नागरिकों का निर्वासन रोकने की कोशिश कर रहा अमेरिका, जानें क्या है वजह

Tue, 07 Nov 2023 02:45 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन अफगान नागरिकों को अनिश्चित भविष्य का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पाकिस्तान ने सूची के संबंध में आपत्ति जताई है। वर्तमान में ये अफगान नागरिक पाकिस्तान में रह रहे हैं।
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अफगान नागरिकों का निर्वासन रोकने की कोशिश कर रहा अमेरिका - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अमेरिकी दूतावास ने अमेरिका में स्थानांतरण और पुनर्वास की प्रक्रिया के तहत 25,000 से अधिक अफगान नागरिकों को पत्र जारी किए हैं। इसके साथ ही उनके नाम पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ साझा किए हैं। बता दें, यह जानकारी पाकिस्तानी मीडिया ने राजनयिक और अन्य सूत्रों के हवाले से दी है।  

अमेरिका में पुनर्वास का इंतजार कर रहे

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पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन अफगान नागरिकों को अनिश्चित भविष्य का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पाकिस्तान ने सूची के संबंध में आपत्ति जताई है। वर्तमान में, ये अफगान नागरिक पाकिस्तान में रह रहे हैं और अमेरिका में पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं। 

समय सीमा समाप्त होने के बाद बढ़ी परेशानी 
बता दें, संकट तब पैदा हुआ जब पाकिस्तान ने अवैध अफगान शरणार्थियों को अफगानिस्तान में उनकी मर्जी से जाने के लिए दी गई एक नवंबर तक की समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया गया। 

तालिबान के कब्जे में अफगानिस्तान

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अफगानिस्तान फिलहाल तालिबान के कब्जे में है। तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने के बाद अमेरिकी सरकार ने हजारों अफगानों को निकाला जो उनके लिए काम कर चुके थे और तालिबान के हाथों प्रतिशोध की आशंका थी। कथित तौर पर, इन अफगान नागरिकों को पाकिस्तान में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा, जिससे अमेरिकी अधिकारियों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों से बात की। 

अमेरिका के पत्र करेंगे अफगान नागरिकों की मदद!
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ये पत्र संबंधित अफगान नागरिकों के लिए उनकी गिरफ्तारी और निर्वासन के डर के बिना पाकिस्तान में रहने के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम लोगों की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं।'

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