वर्तमान समय में दुनिया दो युद्धों जूझ रही है। जहां एक तरफ इस्राइल और हमास के बीच भीषण युद्ध चल रहा है, वहीं रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध रूकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले वर्ष शुरू हुए युद्ध में कई लोगों ने जान गंवाई है। रूसी सेना के अत्याधुनिक रॉकेट, कई गोले दागे। जिसके चलते यूक्रेन के कई इलाके तहस-नहस हो गए हैं। कुछ दिन पहले यूक्रेन ने दावा किया था कि रूस लगातार हम पर हमला कर रहा है। यहां तक कि रूसी हैकर्स ने यूक्रेन की संचार सेवा ठप कर दी है। इसी बीच, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दो लाख से अधिक रूसी सैनिक यूक्रेन युद्ध में शामिल हैं।
'लगभग छह लाख से अधिक रूसी सैनिक युद्ध में शामिल'
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साल के अंत में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहां उन्होंने पत्रकारों से युद्ध को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में तकरीबन छह लाख से अधिक रूसी सैनिक भाग ले रहे हैं। पुतिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि क्रेमलिन को रिजर्विस्टों की लामबंदी की दूसरी लहर की जरूरत नहीं है। साथी ही उन्होंने कहा कि देशभर में हर दिन 1,500 लोगों को सेना में भर्ती किया जाता है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुलासा किया कि वर्तमान में यूक्रेन में लगभग 6,17,000 रूसी सैनिक हैं, जिनमें 2,44,000 वे हैं, जो पेशेवर रूसी सैन्य बलों का समर्थन करने के लिए जुटाए गए थे,
'कई सैनिकों ने रूसी सेना के साथ किया अनुबंध पर हस्ताक्षर'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने कहा कि बुधवार शाम तक कुल चार लाख से अधिक सैनिकों ने रूसी सेना के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही रूसी सेना ने कहा कि लामबंदी की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य वही रहेंगा, जब तक वे हासिल नहीं कर लेते, तब तक शांति नहीं होगी। क्रेमलिन से कुछ ही दूरी पर मध्य मॉस्को के हॉल में पुतिन के पहुंचने पर तालियों से उनका स्वागत किया गया।
पुतिन की चेतावनी, कहा- नाटो में न शामिल हो यूक्रेन
इस दौरान यूक्रेन और रूस युद्ध, अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे पर सवाल पूछे गए। गुरुवार को पुतिन ने कहा कि मॉस्को के लक्ष्य विसैन्यीकरण, देश की तटस्थ स्थिति अपरिवर्तित रहेंगे। साथ ही जोर दिया कि फरवरी 2022 में यूक्रेन में सेना भेजी, उसी दिन उन्होंने अपने लक्ष्य सार्वजनिक कर दिए थे। रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेनी सरकार कट्टरपंथी राष्ट्रवादी, नवनाज समूहों से काफी प्रभावित है। हालांकि इस दावे का यूक्रेन समेत कई पश्चिम देशों ने मजाक बनाया है। पुतिन ने इस दौरान यूक्रेन को चेतावनी दी कि वह गलती से नाटो गठबंधन में शामिल न हो। साथ ही अपने उद्देश्य को लेकर कहा कि हम तब तक शांत नहीं रहेंगे जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता है।
रूस ने तीन लाख से अधिक जवानों को खोया- यूक्रेन का दावा
यूक्रेन ने दावा किया था कि जब रूस ने युद्ध शुरू किया था तो उसके पास 3,60,000 सैनिक थे। अभी तक युद्ध के मैदान में देश ने अपने 3,15,000 जवानों को खो दिया है। वहीं, हथियारों की बात करें तो मॉस्को के 3,500 में से 2,200 टैंक तबाह किए जा चुके हैं। इनके अलावा, 13,600 पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों और बख्तरबंद कर्मियों के वाहक में से 13,600 भी नष्ट हो गए हैं। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेस्की ने मंगलावर को वाशिंगटन की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी सहायता और हथियार के लिए अपील की।