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UN: 'हिजबुल्ला को खत्म करके ही दम लेंगे', यूएन में पीएम नेतन्याहू की दो टूक; ईरान-ईराक को बताया श्राप

Fri, 27 Sep 2024 09:52 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि, इस्राइल शांति चाहता है, यदि आप हम पर हमला करेंगे, तो हम आप पर हमला करेंगे।  उन्होंने एक बार फिर इस क्षेत्र की समस्याओं के पीछे ईरान को जिम्मेदार ठहराया।
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बेंजामिन नेतन्याहू - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान हिज्बुल्ला को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी। उन्होंने विश्व नेताओं से कहा कि उनका देश तब तक हिज्बुल्ला के खिलाफ युद्ध जारी रखेगा, जब तक कि वह लेबनान सीमा पर अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर लेता है। उन्होंने कहा कि, इस्राइल अब ईरान समर्थित आतंकवादी संगठन हिज्बुल्लाह द्वारा रोज होने वाले रॉकेट हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। 
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'यह आतंक का नक्शा है'
पीएम नेतन्याहू ने कहा कि, जरा सोचिए अगर आतंकवादी एल-पासो और सैन-डिएगो को भूतहा शहरों में बदल दें, तो क्या अमेरिकी सरकार इसे बर्दाश्त करेगी? उन्होंने कहा कि, फिर भी इस्राइल लगभग एक साल से इस असहनीय स्थिति को बर्दाश्त कर रहा है। खैर मैं आज यहां यह कहने आया हूं, अब बस बहुत हो गया। नेतन्याहू ने कहा, मैंने पिछले बार एक मैप दिखाया था, जिसमें इस्राइल और उसके साथी अरब देश एशिया को यूरोप से जोड़ रहे थे। लेकिन मैं आज एक और नक्शा दिखा रहा हूं, यह आतंक का नक्शा है। प्रधानमंत्री ने इस नक्शे में ईरान, इराक, सीरिया और यमन को दिखाया। इन देशों को काले रंग से रंगा गया था। जिसे उन्होंने 'श्राप' बताया। 

उन्होंने कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र में उन सभी झूठों का खंडन करने के लिए आए हैं, जिन्हें उन्होंने सप्ताह की शुरुआत में इसी मंच पर अन्य नेताओं से सुने थे। नेतन्याहू ने कहा कि, इस साल मेरा यहां आने का कोई इरादा नहीं था। मेरा देश अपने जीवन के लिए युद्ध लड़ रहा है। लेकिन जब मैंने इस मंच पर कई वक्ताओं को मेरे देश पर गलत आरोप लगाते सुना तो,  मैंने यहां आने और रिकॉर्ड को सही करने का फैसला किया।
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'यदि आप हम पर हमला करेंगे, तो हम आप पर हमला करेंगे'
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्राइल शांति चाहता है, यदि आप हम पर हमला करेंगे, तो हम आप पर हमला करेंगे।  उन्होंने एक बार फिर इस क्षेत्र की समस्याओं के पीछे ईरान को जिम्मेदार ठहराया। नेतन्याहू ने कहा कि, बहुत लंबे समय से दुनिया ईरान को खुश करने में लगी हुई है। यह तुष्टीकरण खत्म होना चाहिए। नेतन्याहू ने उत्तरी इजरायल के 60,000 निवासियों की दयनीय स्थिति बोलते हुए कहा कि हिज्बुल्लाह के खतरे के कारण वहां रह लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

यूएन में नेतन्याहू ने कहा है कि, हमारे दुश्मन सिर्फ हमें नहीं, बल्कि पूरी मानव सभ्यता को अंधकारमय युग में धकेलना चाहते हैं। अपने भाषण में आगे नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि जब तक हिज्बुल्लाह अपनी 'आक्रामकता की राह' पर चलता रहेगा तब तक इस्राइल डिफेंस फोर्स अपनी सैन्य गतिविधियों को बंद नहीं करेगी। 

 नेतन्याहू स्पीच का कई देशों ने किया बॉकआउट
 नेतन्याहू ने कहा है कि,  इस्राइल शांति चाहता है। हम शांति लाए हैं और आगे भी लाते रहेंगे। मैंने पिछले साल जब इस असेंबली को संबोधित किया था तब हम सऊदी अरब के साथ ऐतिहासिक डील करने वाले थे। लेकिन हमास ने हमला कर इस डील को रुकवा दिया। बता दें कि, जैसे ही यूएन में नेतन्याहू का भाषण देना शुरू किया तो कई देशों के प्रतिनिधि असेंबली से उठकर चले गए। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गाजा में इस्राइल के अभियान में 41,500 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 96,000 से अधिक  घायल हुए हैं।
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