पाकिस्तान के राष्ट्रपति अल्वी को उनके पद से हटाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई। जिसमें उन पर पद की गरिमा घटाने और दुरुपयोग के आरोप लगाए गए है। साथ ही कहा गया कि राष्ट्रपति राजनीतिक पक्षपात कर रहे हैं। पढ़ें पूरा मामला...
पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता कोई नहीं बात नहीं है। देश आर्थिक-राजनीतिक शून्यता की बढ़ रहा है। इसी बीच, पाकिस्तान के राष्ट्रपति के जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। रविवार को सामने आई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी अपने कर्तव्यों के पालन में निष्पक्षता बरकरार रखने में विफल रहे हैं, जिसके कारण उन्हें पद से हटाने की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि उन्हें पद से हटाने की मांग भी की जा रही है।
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शनिवार को गुलाम मुर्तजा खान द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि राष्ट्रपति संवैधानिक दायित्वों को निभाने में विफल रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने संविधान का उल्लंघन किया है इसलिए उन्हें पद पर रहने का अधिकार नहीं है। साथ ही गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से बेदखल करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति को किसी भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधित्व नहीं करना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति एक विशेष राजनीतिक दलों को लाभ देकर पक्षपात कर रहे हैं
रिपोर्ट में दावा किया गया कि राष्ट्रपति अल्वी ने पीटीआई का समर्थन करने के लिए अपने कार्यालय का दुरुपयोग किया है। राष्ट्रपति कार्यालय का इस्तेमाल पार्टी के बैठकों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि याचिका में कोर्ट से मामले की जांच करने और अलवी को राष्ट्रपति से अपदस्थ करने का आग्रह किया गया है।