पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि देश में अफगान शरणार्थियों के साथ किया जा रहा व्यवहार इस्लाम के मूल मूल्यों और उसके सामाजिक मूल्यों के विपरीत है। शुक्रवार को जेल से जारी एक संदेश में कहा कि इमरान खान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अफगान शरणार्थियों के साथ किया जा रहा व्यवहार पवित्र इस्लाम की शिक्षाओं के विपरीत है।
इमरान खान ने कहा कि अफगान नागरिकों के साथ गरिमा और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए क्योंकि दोनों देशों के बीच भाईचारे और आपसी सम्मान पर आधारित सदियों पुराना रिश्ता है। अपने संदेश में इमरान खान ने कहा कि देश अपने पड़ोसियों को नहीं बदल सकत हैं। समय-समय पर एक-दूसरे के समर्थन की जरूरत होती है। इमरान खान ने बताया कि पाकिस्तान ने 40 वर्षों तक अफगान शरणार्थियों की सेवा की और खराब रणनीति अपनाकर दशकों पुराने गर्मजोशी भरे आतिथ्य के सकारात्मक प्रभाव को खत्म किया जा रहा है।
साथ ही कह कि इमरान खान ने कहा कि 15 लाख शरणार्थी 25 करोड़ लोगों के देश पर असहनीय बोझ नहीं हैं। शरण मांगने के लिए पाकिस्तान आए शरणार्थियों का एक बड़ा हिस्सा समाज के सबसे गरीब तबके से था। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे देश में नकारात्मक भावनाएं पैदा होंगी।
बता दें पाकिस्तान ने आतंकवाद बढ़ने का हवाला देते हुए पिछले महीने की शुरुआत से अवैध अफगान नागरिकों को निर्वासित करना शुरू कर दिया है। सरकार ने लगभग 1.7 मिलियन अफगान नागरिकों को अवैध के रूप में सूचीबद्ध किया है।
पाकिस्तान ने 104 भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा जारी किया
सिंध में शदानी दरबार की यात्रा की सुविधा के लिए भारत के सिख तीर्थयात्रियों को 104 वीजा जारी किए हैं। पाकिस्तान उच्चायोग ने शुक्रवार यह जानकारी दी। नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग ने बताया कि 12-23 दिसंबर तक सिंध के शदानी दरबार हयात पिताफी में शिव अवतारी सतगुरु संत शदाराम साहिब की 315 वीं जयंती समारोह में भाग लेने के लिए पाकिस्तान की यात्रा के लिए भारतीय हिंदू तीर्थयात्रियों को 104 वीजा जारी किए हैं।
गौरतलब है कि धार्मिक स्थलों की यात्रा पर द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के प्रावधान के तहत, भारत से सिख और हिंदू तीर्थयात्री हर साल पाकिस्तान जाते हैं। पाकिस्तानी तीर्थयात्री भी प्रोटोकॉल के तहत हर साल भारत आते हैं।