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Pakistan: 'चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट नहीं मिला तब भी मैदान में उतरेंगे', इमरान खान की पार्टी के अध्यक्ष का एलान

Mon, 01 Jan 2024 10:52 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: पीटीआई पार्टी अपने चुनाव चिह्न को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रही है। दरअसल, पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने पिछले हफ्ते पीटीआई के आंतरिक चुनावों को खारिज कर दिया था और पार्टी को उसके 'क्रिकेट बैट' चुनाव चिह्न से वंचित कर दिया था।
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर खान ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी क्रिकेट के 'बैट' को अपना चुनाव चिह्न बनाए बिना भी आम चुनावों में भाग लेगी। उन्होंने इस्लामाबाद में पत्रकार के साथ एक बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने देश में मौजूदा राजनीतिक स्थिति के बारे में बात की, जिसमें उनकी पार्टी के सामने आने वाली चुनौतियां शामिल हैं।

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पार्टी अपने चुनाव चिह्न को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रही है। दरअसल, पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने पिछले हफ्ते पीटीआई के आंतरिक चुनावों को खारिज कर दिया था और पार्टी को उसके 'क्रिकेट बैट' चुनाव चिह्न से वंचित कर दिया था। बैरिस्टर खान को आंतरिक चुनावों में पार्टी के नए अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।

पार्टी ने फैसले को पेशावर उच्च न्यायालय (पीएचसी) में चुनौती दी थी, जिसने 26 दिसंबर को ईसीपी के फैसले पर रोक लगा दी थी। चुनाव आयोग ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी और पीएचसी की दो सदस्यीय पीठ दो जनवरी को अपील पर सुनवाई करेगी। 

हालांकि, गौहर खान ने कहा कि अगर 'बैट' चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया जाता है तो उनकी पार्टी आठ फरवरी को होने वाले चुनाव में अलग चुनाव चिह्न पर भी भाग लेगी।  लेकिन, वह अन्य दलों के लिए मैदान कभी खुला नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, 'अगर हमें बैट का चुनाव चिह्न नहीं मिलता है तो भी हम चुनाव में हिस्सा लेंगे।'

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने जताई चिंता
इस बीच, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) आठ फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले कुछ सियासी दलों खासकर पीटीआई के लिए समान अवसर की कमी को लेकर चिंता जताई है। एचआरसीपी की सह-अध्यक्ष मुनीजा जहांगीर ने कहा कि मौजूदा स्थिति में हुए चुनाव सवालों के घेरे में रहेंगे। उन्होंने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा,'हमारी चिंता यह है कि इसके परिणामस्वरूप जो भी सरकार बनेगी, उस पर हमेशा सवालिया निशान बना रहेगा।'



 

उन्होंने कहा कि किसी भी सवाल को रोकने के लिए चुनावों को पारदर्शी होने की आवश्यकता है। मुनीजा ने कहा कि इमरान खान की पार्टी के व्यवस्थित तरीके से टुकड़े-टुकड़े किए गए और एचआरसीपी ने कई बार इस मुद्दे का जिक्र किया है।  इसने सरकार और चुनाव अधिकारियों से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे को हल करने का आग्रह किया। नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में आठ फरवरी को मतदान होना है।
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उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हम सभी जानते हैं कि कैसे गैर-निर्वाचित लोगों ने राजनेताओं पर नजर रखने या उन्हें निर्देशित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया है। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार और चुनाव आयोग खुद पर जोर दें और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उसे पूरा करें।' एचआरसीपी ने अलग से एक बयान में कहा कि वह मानवाधिकारों में गिरावट से बहुत चिंतित है। जिसमें चुनावी प्रक्रिया में घोर हेरफेर भी शामिल है। एक सियासी पार्टी सहित अन्य को व्यवस्थित रूप से तोड़ने के लिए निशाना बनाया गया है।
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