पाकिस्तान के सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ दुष्प्रचार में शामिल पाए जाने वाले लोगों के लिए कड़ी सजा की पाकिस्तान की सीनेट ने सिफारिश की है। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। गौरतलब हैं कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सीनेटर ब्रह्मानंद खान तांगी (Bahramand Khan Tangi) ने इस प्रस्ताव को सीनेट के सामने पेश किया था, इस दौरान उन्होंने कहा था कि एक मजबूत सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार को रोकने के लिए यह प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ नकारात्मक और दुर्भावनापूर्ण प्रचार पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
सेना के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने के लिए प्रस्ताव पारी
प्रस्ताव में कहा गया कि सीनेट सिफारिश करती हैं कि सरकार पाकिस्तानी सेना के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें। प्रस्ताव में सिफारिश की गई है कि इस तरह के अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने से दस साल के लिए अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, टांगी ने कहा कि उन्होंने एक दशक से चली आ रही अयोग्यता की मांग को हटाने के लिए प्रस्ताव में संशोधन किया है और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।