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Pakistan: सेना के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने को सीनेट में प्रस्ताव पारित; नेताओं पर बैन मामले में कोर्ट में सुनवाई

Mon, 01 Jan 2024 09:01 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और एजेंसियों को लेकर हो रहे दुष्प्रचार को रोकने के लिए पाकिस्तान सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव में सरकार से दुष्प्रचार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की हैं। इसी बीच, पाकिस्तान के राजनेताओं के आजीवन अयोग्यता को लेकर पाकिस्तान का उच्चतम न्यायालय सुनवाई करेगा। 
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पाकिस्तानी संसद (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पाकिस्तान के सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ दुष्प्रचार में शामिल पाए जाने वाले लोगों के लिए कड़ी सजा की पाकिस्तान की सीनेट ने सिफारिश की है। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। गौरतलब हैं कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सीनेटर ब्रह्मानंद खान तांगी (Bahramand Khan Tangi) ने इस प्रस्ताव को सीनेट के सामने पेश किया था, इस दौरान उन्होंने कहा था कि एक मजबूत सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार को रोकने के लिए यह प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ नकारात्मक और दुर्भावनापूर्ण प्रचार पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
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सेना के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने के लिए प्रस्ताव पारी
प्रस्ताव में कहा गया कि सीनेट सिफारिश करती हैं कि सरकार पाकिस्तानी सेना के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें। प्रस्ताव में सिफारिश की गई है कि इस तरह के अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने से दस साल के लिए अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, टांगी ने कहा कि उन्होंने एक दशक से चली आ रही अयोग्यता की मांग को हटाने के लिए प्रस्ताव में संशोधन किया है और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
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नेताओं की आजीवन अयोग्यता पर पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
इसी बीच, पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह राजनेताओं की आजीवन अयोग्यता के मामले की सुनवाई दो जनवरी को करेगा। जिसमें नवाज शरीफ के भाग्य पर भी फैसला किया जाएगा। गौरतलब हैं कि आठ फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव हैं, जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दलों के नेता अपनी-अपनी जीत को लेकर जोर अजमाइश कर रहे हैं मुख्य न्यायाधीश काजी फ़ैज़ ईसा की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ संविधान के अनुच्छेद 62(1)(एफ) के तहत अयोग्यता की अवधि और चुनाव अधिनियम 2017 में संशोधन के आसपास के विवाद का एक बार और सभी विवादों पर फैसला करेगी।
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