इमरान खान ने कथित राजनयिक केबल (कागज का टुकड़ा) को 27 मार्च 2022 को एक सार्वजनिक रैली में लहराया था। इसके साथ अमेरिका का नाम लेते हुए उन्होंने दावा किया था कि यह उनकी सरकार को गिराने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का सबूत है। इमरान खान और शाह महमदू कुरैशी पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए राजनयिक केबल को गलत तरीके से संभालने का आरोप लगा था। इसके बाद उन्हें दिसंबर 2023 में आरोपित किया गया था।
इस बीच पूर्व विदेश सचिव ने महमूद, पूर्व गृह सचिव यूसुफ नसीम खोखर और इस्लामाबाद के सहायक आयुक्त इरशाद भट्टी ने मामले में अपने बयान दर्ज कराए हैं। विशेष अदालत के न्यायाधीश अबुल हसनत जुल्करनैन ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में राजनयिक केबल लीक मामले में सुनवाई की। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, सोहेल महमूद ने कहा कि वह दिसंबर 2022 में सेवानिवृत्त हुए और तब तक राजनयिक केबल की प्रति विदेश मंत्रालय को नहीं लौटाई गई थी।
इस बीच, इमरान खान और अदियाला जेल अधीक्षक के बीच सोमवार को राजनयिक केबल लीक मामले में सुनवाई के आखिर में अदालत कक्ष में बहस हो गई। जेल अधीक्षक असर वराइच ने इमरान खान को मीडिया से बात करने से रोका और कहा कि मीडिया वहां सुनवाई कवर करने के लिए आया था, न कि राजनीतिक मुद्दों पर बात करने के लिए। इसके बाद इमरान खान कहते हैं, 'यह हमारा अधिकार है। आप हमें रोक नहीं सकते हैं। मैं आपकी बात को मानने से इनकार करता हूं। मैं मीडिया से बात करूंगा।'
इसके बाद जेल अधीक्षक और पुलिस उप महानिरीक्षक ने मीडिया को अदालत कक्ष से बाहर जाने को कहा। अदालत कक्ष से बाहर निकलते हुए इमरान खान ने कहा कि वह पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को संदेश दे रहे हैं कि अगले रविवार को सड़कों पर आ जाएं।
इमरान ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा, 'पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज पार्टी के प्रमुख नवाज शरीफ के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय ने मामले बंद कर दिए हैं। चुनाव आयोग और प्रशासन उनकी मदद कर रहा है।' खान ने आगे कहा, 'नवाज शरीफ के बेटे ने 18 अबर रुपये का घर बेचा। इतना पैसा कहां से आया?' उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र का मतलब है आजादी। हमारी सारी लड़ाई कानून की सर्वोच्चता के लिए है, लेकिन वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे।'