पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद को आवासीय योजना घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। अब शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाले पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन ने फैज हमीद की गिरफ्तारी का स्वागत किया है। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने हालांकि आवासीय योजना घोटाले में हमीद की कथित संलिप्तता को सेना का 'आंतरिक मामला' करार देते हुए इस मामले में तटस्थ रहने का फैसला किया।
इमरान के करीबी होने का आरोप
लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद ने 2019 से 2021 तक इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के प्रमुख पद पर सेवाएं दी थीं, तब जेल में बंद इमरान खान प्रधानमंत्री थे। उन पर इमरान की शह पर राजनीतिक मामलों में दखल देने के आरोप लगे थे। सेना के मुताबिक, सैन्य अधिकारियों ने हमीद को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया और पद के कथित दुरुपयोग को लेकर उनके खिलाफ पाकिस्तान सेना अधिनियम के प्रावधानों के तहत कोर्ट मार्शल की कार्यवाही शुरू की गई है।
सेना के अनुसार, हमीद को टॉप सिटी हाउसिंग सोसाइटी के मालिक के घर पर कथित छापेमारी मामले में गिरफ्तार किया गया। सोसाइटी के मालिक ने पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय में दाखिल अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि 12 मई 2017 को जनरल हमीद के आदेश पर आईएसआई अधिकारियों ने इस्लामाबाद में टॉप सिटी हाउसिंग सोसाइटी के दफ्तर और उनके आवास पर छापेमारी कर हीरे-जवाहरात एवं नगदी समेत अन्य कीमती सामान जब्त कर लिया था।
पीटीआई ने बताया सेना का आंतरिक मामला
पीटीआई अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान ने हमीद के खिलाफ सेना की कार्रवाई को उसका 'आंतरिक' मामला बताते हुए कहा कि सेना एक अनुशासित और संगठित संस्था है, जिसकी सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों अधिकारियों से निपटने की अपनी निर्धारित प्रक्रिया है। हालांकि, सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेताओं ने हमीद की गिरफ्तारी का स्वागत किया। सूचना मंत्री एवं वरिष्ठ पीएमएल-एन नेता अताउल्ला तरार ने इसे 'सही फैसला' बताते हुए कहा कि फैज हमीद के खिलाफ कार्रवाई तफ्तीश के आधार पर की गई होगी।
वहीं, सीनेट सदस्य एवं पार्टी नेता इरफान सिद्दिकी ने कहा, 'जब जांच आगे बढ़ेगी, तो उनके (हमीद के) राजनीतिक हस्तक्षेप की बात भी सामने आ जाएगी।' सिद्दिकी ने इमरान के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमीद ने नेशनल असेंबली में कानून पारित कराने और आवश्यक सदस्यों का समर्थन जुटाने में उनकी पार्टी की मदद की थी। उन्होंने हमीद पर आम चुनाव में पीटीआई का समर्थन करने का आरोप भी लगाया। पीपीपी नेता कमर जमान कैरा ने सेना के आंतरिक जवाबदेही तंत्र की तारीफ करते हुए कहा कि जांच से हमीद के कई उल्लंघनों में शामिल होने की पुष्टि हुई, जिसके कारण उनके खिलाफ पाकिस्तान सेना अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई।