पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि कट्टरपंथी इस्लामवादी लोगों की धौंस के कारण अल्पसंख्यक अहमदिया लोग शव नहीं दफना पा रहे हैं।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कट्टरपंथी इस्लामवादियों का एक समूह कथित तौर पर अल्पसंख्यकों को शव दफनाने से रोक रहा है। पुलिस का आरोप है कि अहमदी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को अपने मृतकों को दफनाने से रोका जा रहा है। कट्टरपंथी इस्लामवादियों के एक समूह ने एक कब्रिस्तान में अहमदी समुदाय के मृतक को दफनाने से रोक दिया। घटना लाहौर से करीब 60 किलोमीटर दूर शेखुपुआ के गांव सहवाला में हुई।
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पुलिस के मुताबिक तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के कार्यकर्ताओं ने साहवाला के कब्रिस्तान पहुंचे। एक मस्जिद से घोषणा की गई कि अहमदी वहां अपने मृतकों को दफनाने जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक कट्टरपंथी इस्लामवादियों के एक समूह ने कब्र खोदने वाले लोगों की पिटाई की। उन्हें गैर मुस्लिम और काफिर बताकर उन्हें वहां से खदेड़ दिया। शिकायत मिलने पर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुस्लिम और अहमदी दोनों अपने मृतकों को कब्रिस्तान में दफनाते थे। अब टीएलपी की संलिप्तता के कारण शव दफनाना एक मुद्दा बन गया है। जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान के अधिकारी अमीर महमूद के मुताहिक साहवाला गांव में अहमदी समुदाय के एक सदस्य की मौत हो गई। उसके शव को दफनाने पर हुए विवाद के मुताबिक अहमदिया समुदाय के मृतक का शव दफनाने से पहले धार्मिक चरमपंथी हथियारबंद होकर पहुंचे और मुसलमानों की पिटाई की। मृतक को कब्रिस्तान से दूर रबवा क्षेत्र में दफनाया गया।