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Pakistan: 'इस्राइल-फलस्तीन विवाद के शांतिपूर्ण समाधान, टू-स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन'; राष्ट्रपति अल्वी का बयान

Fri, 24 Nov 2023 07:44 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

फलस्तीन के मुद्दे पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति का बयान सुर्खियों में है। विवाद के बीच राष्ट्रपति डॉ आरिफ अल्वी ने कहा कि पाकिस्तान इस्राइल-फलस्तीन मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है। उन्होंने कहा इस्लामाबाद 'टू स्टेट सॉल्यूशन' का समर्थन करता है।
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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (फाइल)
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विस्तार
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फलस्तीन के मुद्दे पर राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के बयान पर जमकर विवाद हुआ। उन्होंने इस्राइल के साथ टकराव के मुद्दे पर 'वन स्टेट सॉल्यूशन' का प्रस्ताव रखा था। विवाद बढ़ने पर राष्ट्रपति अल्वी ने कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों का टकराव खत्म करने और शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सहजता से स्वीकार्य और 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' का समर्थन करता है।
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पाकिस्तानी राष्ट्रपति की टिप्पणी सऊदी अरब में सामने आई है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अल्वी ने अल-हरम मस्जिद में इमाम खतीब डॉ. सालेह बिन अब्दुल्ला हुमैद से मुलाकात की। हुमैद सऊदी रॉयल कोर्ट्स में एडवाइजर के तौर पर भी काम करते हैं। मुलाकात के बाद जारी राष्ट्रपति के आधिकारिक बयान में कहा गया, आरिफ अल्वी ने कहा कि दुनिया को फलस्तीनी लोगों के दर्द को समझना चाहिए। गाजा में इस्राइली अत्याचारों को खत्म करने में तमाम देशों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। पाकिस्तान का आरोप है कि इस्राइली हमले में हजारों महिलाओं और बच्चों समेत निर्दोष लोगों की मौत हुई है।

डॉ हुमैद और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की मुलाकात के दौरान गाजा के हालात, मुस्लिम देशों के सामने चुनौतियां और इस्लाम के खिलाफ कथित नफरत के मुद्दे पर चर्चा हुई। डॉ हुमैद ने कहा, इस्लाम मानने वाले देशों ने फलस्तीन के मुद्दे पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव को अपनाया है। उन्होंने कहा कि फलस्तीनी लोगों के अधिकारों की सुरक्षा टू-स्टेट सॉल्यूशन सिद्धांत के तहत होनी चाहिए।
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बता दें कि पिछले हफ्ते और 11 नवंबर को पाकिस्तान के राष्ट्रपति का बयान सामने आया था। इस समय राष्ट्रपति अल्वी ने अपने फलस्तीनी समकक्ष महम उद अब्बास के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। उन्होंने हमास के साथ हिंसक संघर्ष के बीच फलस्तीन-इस्राइल विवाद का 'वन स्टेट सॉल्यूशन' का सुझाव दिया था। हालांकि, विवाद के तूल पकड़ने पर उनके कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति का "संशोधित" संस्करण जारी हुआ। इसमें फलस्तीन पर राष्ट्रपति के सुझाव का कोई उल्लेख नहीं था।

'वन स्टेट...' समाधान सुझाने का राष्ट्रपति अल्वी का बयान पाकिस्तान के सैद्धांतिक और ऐतिहासिक रुख के अनुरूप नहीं था। इस कारण पाकिस्तान में उनकी व्यापक निंदा हुई। 22 नवंबर को राष्ट्रपति अल्वी के बयान को आधार बनाकर कार्यवाहक सरकार ने पाकिस्तानी सीनेट में उनके इस्तीफे की मांग की थी। कार्यवाहक सरकार ने उनकी टिप्पणियों से किनारा भी कर लिया।

गौरतलब है कि इस्राइल और हमास का हिंसक संघर्ष बीते सात अक्तूबर को शुरू हुआ था। इस लड़ाई में अब तक 13 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। हमास के आतंकी हमलों के जवाब में इस्राइली डिफेंस फोर्स गाजा के आतंकी ठिकानों पर लगातार हमले कर रही है। हमास के कब्जे वाले गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि अब तक 12 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी तरफ इस्राइली पक्ष में 1200 लोगों की मौत हुई है।
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